भारत-यूरोपीय यूनियन रिश्तों में एक नए युग का शंखनाद : पीएम मोदी


नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित भारत-यूरोपीय यूनियन बिजनेस फोरम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह भारत-यूरोपीय यूनियन रिश्तों में एक नए युग का शंखनाद है।

इंडिया-ईयू बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार यूरोपीय यूनियन के लीडर्स, उनका भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना, भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच भारत के इतिहास का सबसे बड़ा एफटीए संपन्न होना और आज इतने सारे सीईओ के साथ इतने बड़े लेवल पर भारत-यूरोपीय यूनियन बिजनेस फोरम का आयोजित होना, ये सब उपलब्धियां विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच हो रहे अभूतपूर्व एलाइनमेंट का प्रतीक हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे साझा मूल्य हैं। वैश्विक स्थिरता के प्रति हमारी साझा प्राथमिकताएं हैं। ओपन सोसाइटी के रूप में हमारे लोगों के बीच स्वाभाविक जुड़ाव भी है। इसी मजबूत आधार पर हम अपनी साझेदारी को नई ऊंचाई दे रहे हैं। हम इसे विश्व की सबसे प्रभावशाली साझेदारियों में से स्थापित कर रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में हमारा व्यापार दोगुना होकर 180 बिलियन यूरो तक पहुंच गया है। भारत में 6,000 से अधिक यूरोपीय कंपनियां काम कर रही हैं। भारत की 1,500 कंपनियां ईयू में मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, “आज ग्लोबल बिजनेस में उथल-पुथल है। हर कंपनी अपनी मार्केट स्ट्रेटजी और पार्टनरशिप को नए सिरे से देख रही है। ऐसे समय में ये एफटीए बिजनेस जगत के लिए एक साफ और सकारात्मक संदेश है। मुझे विश्वास है कि आप सभी इस एफटीए के अवसरों का पूरा-पूरा लाभ उठाएंगे।”

इंडिया-ईयू बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री ने कहा, “यह भारत और ईयू दोनों की कई प्राथमिकताओं से मेल खाता है। आपकी बिजनेस पार्टनरशिप को भी इससे फायदा हो सकता है। इस संदर्भ में मैं तीन प्राथमिकताओं के बारे में बात करूंगा। पहला- आज, व्यापार, टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स को दुनिया भर में हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। हमें अपनी निर्भरता को कम करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। क्या हमारा बिजनेस समुदाय मिलकर ईवी, बैटरी, चिप्स और एपीआई में बाहरी निर्भरता को कम कर सकता है? क्या हम भरोसेमंद सप्लाई चेन का एक साझा विकल्प खड़ा कर सकते हैं?

उन्होंने आगे कहा कि दूसरा, भारत और ईयू दोनों ने डिफेंस इंडस्ट्री और नई टेक्नोलॉजी पर ध्यान दिया है। मैं आपसे डिफेंस, स्पेस, टेलीकॉम और एआई जैसे सेक्टरों में पार्टनरशिप बढ़ाने का आग्रह करता हूं। तीसरा, एक स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य हम दोनों के लिए प्राथमिकता है। हमें ग्रीन हाइड्रोजन से लेकर सोलर एनर्जी और स्मार्ट ग्रिड तक हर क्षेत्र में जॉइंट रिसर्च और निवेश बढ़ाना चाहिए। दोनों इंडस्ट्री को मिलकर छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और सस्टेनेबल मोबिलिटी पर भी काम करना चाहिए। इसके अलावा, हमें वाटर मैनेजमेंट, सर्कुलर इकोनॉमी और सस्टेनेबल एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में मिलकर समाधान विकसित करने चाहिए।

–आईएएनएस

एसके/एबीएम


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