पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की चेतावनी, ‘रिलीज इमरान खान फोर्स’ को बताया असंवैधानिक

इस्लामाबाद, 21 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि खैबर पख्तूनख्वा (केपी) के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी की कुर्सी खतरे में है। उन्होंने हाल ही में घोषित किए गए ‘रिलीज इमरान खान फोर्स’ को असंवैधानिक और अवैध बताया है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, आसिफ ने कहा कि केपी के मुख्यमंत्री ने अपनी नौकरी बचाने के लिए यह रिलीज फोर्स घोषित की है। संघीय सरकार के अलावा किसी को भी कोई बल बनाने का अधिकार नहीं है।
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान को विदेश भेजने या इस्लामाबाद स्थित उनके आवास बनी गाला स्थानांतरित करने संबंधी किसी भी चर्चा से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि शायद सुविधाओं को लेकर संपर्क किया गया हो। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसी बातों से अपनी दुकान खुली रखने की कोशिश करते हैं।
आसिफ की यह बात मुख्यमंत्री अफरीदी के उस ऐलान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई के लिए फोर्स बनाने का एलान किया था। इमरान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं।
यह एलान 18 फरवरी को तब हुआ, जब पीटीआई और कई पार्टियों के विपक्षी गठबंधन, तहरीक तहफ्फुज-ए-अय्यान पाकिस्तान (टीटीएपी) के सांसदों ने इस्लामाबाद में पार्लियामेंट हाउस में कई दिनों से चल रहा अपना धरना वापस ले लिया।
सुप्रीम कोर्ट के बाहर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री अफरीदी ने कहा कि जेल में बंद पीटीआई संस्थापक ने उन्हें ‘सड़क आंदोलन’ का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत के निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इमरान को अब भी उनके निजी डॉक्टरों तक पहुंचने से वंचित रखा जा रहा है।
अफरीदी ने कहा कि नवगठित फोर्स को औपचारिक रूप से पंजीकृत किया जाएगा और वह शांतिपूर्ण तरीके से लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि फोर्स के सदस्य ईद-उल-फितर के बाद पेशावर में शपथ लेंगे। उन्होंने कहा कि फोर्स एक साफ चेन ऑफ कमांड के तहत काम करेगी और इमरान तय करेंगे कि कमांड की जिम्मेदारी कौन लेगा।
अफरीदी ने कहा कि संघर्ष शुरू करने से पहले तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि आंदोलन संविधान, लोकतंत्र और एक आजाद मीडिया की सबसे बड़ी ताकत की वकालत करेगा।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान अगस्त 2023 से जेल में हैं, जब उन्हें लाहौर स्थित उनके आवास से एक भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में वह रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद हैं।
–आईएएनएस
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