हमारा मकसद बंगाल और यूपी में भाजपा को हराना है : अखिलेश यादव


चंडीगढ़, 23 फरवरी (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराना ही हमारा एकमात्र मकसद है।

चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया ब्लॉक बना हुआ है और बना रहेगा। हमारी प्राथमिकता है कि भाजपा को पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में कैसे हराया जाए। उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव सिर्फ 2027 का चुनाव नहीं होगा, यह 2029 के लिए भी दिशा तय करेगा। जो लोग ‘फूट डालो और राज करो’ की पॉलिटिक्स की बात करते हैं, उनसे बहुत सावधानी से निपटना होगा। वे ऐसे हालात पैदा कर सकते हैं, जो समाज को बांट दें, इसलिए हमें इस बारे में बहुत सावधान रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ उत्तर प्रदेश के बहुत पास है, और सहारनपुर भी ज्यादा दूर नहीं है। चंडीगढ़ एक प्लान्ड शहर है। हम अभी बात कर रहे थे कि आजादी के बाद चंडीगढ़ की प्लानिंग इतनी अच्छी तरह से की गई थी कि अगर दूसरे शहरों को डेवलप करने के लिए इसके मॉडल को कॉपी किया जाता, तो शायद हमारे शहर भी बेहतर प्लान्ड दिखते। जो समस्या हमें दिल्ली में दिखाई देती है, उसे ठीक करना चाहिए था। हमारे यहां भी समस्याएं हैं। शंकाराचार्य को स्नान करने से पुलिस ने रोक दिया। शंकराचार्य के साथ यह अपमान तब हुआ, जब भगवाधारी हमारे मुख्यमंत्री हैं।

सपा प्रमुख ने कहा कि एसआईआर वोट काटने के लिए किया जा रहा है, और सभी विपक्षी पार्टियों को सावधान रहना चाहिए। उत्तर प्रदेश में, हमने इसका सामना किया। भाजपा के हेड ऑफिस से, कुछ अनरजिस्टर्ड साथियों के साथ, चाहे उनके पास कोई सॉफ्टवेयर हो या कोई एजेंसी हो, वे सिस्टमैटिक तरीके से वोट डिलीट करने के लिए फॉर्म 7 एप्लीकेशन जमा कर रहे हैं। यूपी के कई लोग जो अब काम के लिए पंजाब में हो सकते हैं, उनके वोट डिलीट करने के लिए टारगेट किए जा रहे हैं। एसआईआर के माध्यम से वोट जोड़ने की कवायद होनी चाहिए थी। यहां तो काटने पर जोर दिया जा रहा है। यूपी में चार करोड़ लोगों को कागज ढूंढने पड़ रहे हैं।

एआई समिट पर सपा प्रमुख ने कहा कि गलगोटिया ने जो किया, वह नहीं करना चाहिए था। यह भारत सरकार की गलती है। भारत सरकार को वेरिफाई करना चाहिए था कि डेलीगेट्स वहां क्या करने की प्लानिंग कर रहे थे। यह पहली गलती है। दूसरी, सरकारी एजेंसियां ​​क्या कर रही थीं। अगर उन्हें यह पता नहीं चल पाया कि कोई प्रोटेस्ट करने वाला है, तो उन एजेंसियों के खिलाफ क्या एक्शन लिया गया।

–आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम


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