गैर-मुद्दों से सदन का समय बर्बाद कर रहा विपक्ष, सरकार चाहती है चर्चा : समिक भट्टाचार्य


नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति को लेकर सदन में और सदन के बाहर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है लेकिन विपक्ष गैर-मुद्दों को मुद्दा बनाकर सदन का समय बर्बाद कर रहा है।

समिक भट्टाचार्य ने आईएएनएस से कहा कि भाजपा की कोशिश हमेशा सदन में सहमति बनाने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने की रही है। जनता अपने सांसदों को इसलिए चुनकर संसद भेजती है ताकि वे लोगों की समस्याएं उठाएं, देश के भविष्य से जुड़े कानूनों पर चर्चा करें और जनता के दुख-दर्द को सदन तक पहुंचाएं। हांलाकि विपक्ष इन जिम्मेदारियों से हटकर गैर-मुद्दों को मुद्दा बना रहा है।

उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी को लेकर विपक्ष के सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। समिक ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह संसद आते हैं और ऐसा कोई मौका नहीं है कि किसी गंभीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या रक्षा मंत्री चर्चा से बचते रहे हों। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर अमित शाह सदन में आ भी जाएं, तो क्या विपक्ष वास्तव में चर्चा के लिए तैयार है?

समिक भट्टाचार्य ने कहा कि विपक्ष को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह किन मुद्दों पर चर्चा चाहता है। भाजपा चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष पहले ही इस्तीफे की मांग करने लगता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता भी संसद की कार्यवाही को देख रही है और वह समझ रही है कि अलग-अलग विपक्षी दल किस दिशा में राजनीति कर रहे हैं।

एफसीआरए बिल को लेकर भी समिक भट्टाचार्य ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा सदन में फ्लोर कोऑपरेशन चाहती है और सभी दलों से उम्मीद करती है कि वे महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा में हिस्सा लें। उन्होंने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने फ्लोर मैनेजमेंट को लेकर राहुल गांधी से मुलाकात भी की थी। उन्होंने साफ कहा कि एफसीआरए बिल संसद में आएगा और सरकार इसे पारित कराने की पूरी कोशिश करेगी।

उन्होंने कांग्रेस को उसके पुराने राजनीतिक दौर की याद दिलाते हुए कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब विपक्ष में रहने वाली भारतीय जनसंघ और बाद में भाजपा ने भी कई मौकों पर सरकार के विधायी कामकाज में सहयोग किया था।

नेशनल हैंडलूम डे के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो का जिक्र करते हुए समिक भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल के हथकरघा क्षेत्र की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि बंगाल में बड़ी संख्या में लोग हथकरघा और बुनाई के काम से जुड़े हैं। ऐसे में बुनकरों की रोजी-रोटी और उनके भविष्य को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि देश की पारंपरिक कला और हथकरघा उद्योग को बचाने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। केंद्र सरकार लंबे समय से खादी और हैंडलूम को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है और कई राज्यों में इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं।

समिक भट्टाचार्य ने झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी पेपर लीक के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही।

उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को मिलकर ऐसा सिस्टम तैयार करना चाहिए, जिसमें पेपर लीक जैसी घटनाओं की गुंजाइश न रहे। उनका कहना है कि अगर सभी पक्ष अपने सुझाव सामने रखें और मिलकर समाधान खोजें, तो परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जा सकता है।

–आईएएनएस

पीआईएम/पीएम


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