यूपी दिवस: प्रदेश के 18 मंडलों के 54 स्थानों पर एक साथ हुए नुक्कड़ नाटक


लखनऊ, 24 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में जनजागरण को सशक्त सांस्कृतिक स्वर देते हुए शनिवार को प्रदेश के सभी 18 मंडलों के 54 स्थानों पर एक साथ नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नामित ‘ए’ श्रेणी के नाट्य दलों ने विभिन्न जनपदों में प्रस्तुतियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को लेकर आमजन से सीधा और व्यवहारिक संवाद स्थापित किया।

इन नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कुप्रथाओं के उन्मूलन, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तथा नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों को सरल, प्रभावी और संवादात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया।

बता दें कि इस दौरान परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलावों की जानकारी आमजन को दी गई। नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए बताया गया कि 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए बालवाटिका के माध्यम से सुरक्षित, आनंदमय और खेल-आधारित पूर्व-प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जहां चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर, आउटडोर प्ले सामग्री और बाला (बीएएलए) फीचर्स से भवन को सीखने का माध्यम बनाया गया है।

नुक्कड़ नाटकों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों के आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों और पीएमश्री विद्यालयों के जरिए आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के विस्तार को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही ‘हमारा आंगन, हमारे बच्चे’ और शारदा कार्यक्रम के माध्यम से आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने, लर्निंग बाय डूइंग के जरिए विद्यालयों को कौशल केंद्र के रूप में विकसित करने, निःशुल्क शिक्षा, पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, मध्यान्ह भोजन, बालिका शिक्षा, एससीईआरटी के नवाचार और समेकित शिक्षा यूनिट के तहत दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष सुविधाओं की जानकारी भी नुक्कड़ नाटकों के जरिए जनसमुदाय तक पहुंचाई गई।

कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की और योजनाओं से जुड़े प्रश्नों पर अपनी जिज्ञासाएं व सुझाव भी साझा किए। यूपी दिवस पर आयोजित यह पहल प्रदेश की समृद्ध लोकनाट्य परंपरा को सशक्त करने के साथ-साथ सरकार और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आई। जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक पहुंच और जन-जागरूकता बढ़ाने में इस अभियान को अत्यंत उपयोगी माना जा रहा है।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा है कि नुक्कड़ नाटक जनसंवाद का प्रभावी माध्यम हैं, जिनसे सरकारी योजनाओं और सामाजिक संदेशों को सीधे जनता तक पहुंचाया जा सकता है। यूपी दिवस के अवसर पर यह पहल जन-जागरूकता और सहभागिता को और मजबूत करने में सफल रही है।

बता दें कि कार्यक्रम का समन्वय संबंधित जनपदों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) के माध्यम से किया गया। आयोजन स्थलों का चयन पूर्व निर्धारित था, जिससे अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। प्रत्येक प्रस्तुति के दौरान नामित अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रमों की गुणवत्ता और अनुशासन सुनिश्चित किया गया।

उल्‍लेखनीय है कि नुक्कड़ नाटकों के आयोजन के दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रदेशभर में योजनाओं को लेकर जनता से सीधा संवाद स्थापित हुआ है। यह पहल जागरूकता के साथ सहभागिता को भी मजबूत करती है।

–आईएएनएस

विकेटी/एएसएच


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