रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे होने पर संत समाज में उत्साह, पीएम मोदी को विकसित अयोध्या का दिया श्रेय

अयोध्या, 22 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को राम नाम के जप के साथ 500 सालों की प्रतीक्षा के बाद गर्भगृह में रामलला की स्थापना हुई थी।
2 सालों के बाद रामलला की स्थापना के साथ ही अयोध्या के स्वरूप में भी बदलाव आया है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे होने पर संत समाज में उत्साह का माहौल है और वे इस शुभ दिन का सारा श्रेय पीएम मोदी और सीएम योगी को दे रहे हैं।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे होने के शुभ अवसर पर साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने कहा, “आज से दो साल पहले देश के प्रधानमंत्री के करकमलों से सनातनियों की मांग और इच्छा की पूर्ति के बाद रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। जैसे वेदों और पुराणों में अयोध्या को बताया गया है, वैसे ही पीएम मोदी और सीएम योगी ने अयोध्या को सजाने का काम किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “अयोध्या के ऐसे रूप की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी, लेकिन पीएम मोदी और सीएम योगी की वजह से आज सनातन धर्म ऊंचाई पर है। जैसा त्रेता युग में अयोध्या था, आज वैसा ही अयोध्या देखने को मिल रहा है। देश के हर कोने में मंदिर का सौंदर्यीकरण और नवीनीकरण किया जा रहा है।”
अयोध्या धाम के करपात्री महाराज ने कहा, “22 जनवरी को ही आज से दो साल पहले रामलला को अपना स्थान मिला था और आज दो साल पूरे होने पर भक्तों के बीच उत्साह का माहौल है। आज पूरे अयोध्या में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है और मंदिरों में शाम के वक्त घी के दीपक जलाए जाएंगे। बीते 2 सालों में अयोध्या बहुत ज्यादा विकसित हो चुकी है। ऐसा लग रहा है कि राम राज्य आ गया है। सभी भक्तों और संत जनों की तरफ से पीएम मोदी और सीएम योगी को दिल से आभार।”
राम जन्मभूमि के शरद शर्मा ने कहा, “अयोध्या में तेजी से बदलाव हुआ है, क्योंकि यहां रेलवे स्टेशन का विकास हुआ है, एयरपोर्ट का विकास हुआ है। इसके साथ ही बसों की संख्या भी बढ़ाई गई है। भक्तों के बढ़ते आगमन को देखते हुए बसों की संख्या भी बढ़ाई गई है। पिछले साल सिर्फ देश से ही भक्त नहीं, बल्कि विदेशों से भी भक्त रामलला के दर्शन करने पहुंचे थे, और आंकड़ा 25 करोड़ का रहा था, और इस साल अभी तक 20 से 22 करोड़ भक्त आ चुके हैं, और आगे यह आंकड़ा और ज्यादा बढ़ेगा। पहले लोग अपना जन्मदिन गोवा या ताजमहल जाकर मनाते थे, लेकिन अब सभी रामलला के दर्शन करके मनाते हैं।”
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के आचार्य अमित दास ने कहा, “आज का दिन बहुत शुभ है क्योंकि आज ही के दिन रामलला अपने गर्भगृह में विराजित हुए थे। 500 वर्षों की लंबी लड़ाई के बाद प्रभु राम को उनका निवास स्थान वापस मिला था। रामलला की स्थापना के बाद ही अयोध्या अलौकिक और अविस्मरणीय हो चुकी है। कुल मिलाकर अयोध्या अब पूर्ण हो चुकी है। आज अयोध्या की तकरीर और तस्वीर दोनों बदल गई हैं।”
–आईएएनएस
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