आईपीओ लाने की तैयारी कर रही एनएसई ने जारी किए नतीजे, कंपनी का मुनाफा 37 प्रतिशत गिरा


नई दिल्ली, 6 फरवरी (आईएएनएस)। इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश किए , जिसमें कंपनी ने कहा कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 37 प्रतिशत कम होकर 2,408 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 25 की समान अवधि में 3,834 करोड़ रुपए था।

तिमाही-दर-तिमाही कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ा है, जो कि सितंबर तिमाही में 2,098 करोड़ रुपए था।

वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में कंपनी की आय सालाना आधार 9 प्रतिशत कम होकर 4,395 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में 4,807 करोड़ रुपए थी। हालांकि, कंपनी की आय तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 6 प्रतिशत बढ़ी है।

कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में ऑपरेटिंग ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 16 प्रतिशत कम होकर 2,851 करोड़ रुपए हो गया है।

एनएसई ने कहा कि वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में एक्सचेंज के प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनियों ने इक्विटी, डेट और बिजनेस ट्रस्ट के माध्यम से 5.4 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं। मेनबोर्ड और एसएमई मिलाकर तीसरी तिमाही में कुल 65 कंपनियों ने संयुक्त रूप से 96,457 करोड़ रुपए आईपीओ के जरिए जुटाए हैं, जो कि पिछली तिमाही से दोगुना और बीती चार तिमाहियों में सबसे अधिक है।

वित्त वर्ष 26 के पहले नौ महीनों में सात नगर निगमों ने संयुक्त रूप से 750 करोड़ रुपए जुटाए हैं, जो कि 2015 में सेबी म्युनिसिपल बॉन्ड रेगुलेशंस आने के बाद से नगर निगमों द्वारा बॉन्ड्स के जरिए पैसे जुटाने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

सेबी से आईपीओ के लिए एनओसी मिलने के बाद एनएसई का यह पहला नतीजा है।

एनएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीषकुमार चौहान ने कहा कि आईपीओ लॉन्च करने के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण दस्तावेज, रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) का मसौदा तैयार करने में लगभग तीन से चार महीने लगेंगे।

एक कार्यक्रम के दौरान आईएएनएस से बातचीत में चौहान ने लगभग एक दशक की देरी के बाद रास्ता साफ करने के लिए सेबी का आभार व्यक्त किया था। उन्होंने कहा, “10 साल बाद सेबी आईपीओ प्रक्रिया शुरू करने पर सहमत हो गया है। हम इसके लिए सेबी को धन्यवाद देते हैं।”

उन्होंने कहा कि डीआरएचपी तैयार करने के साथ-साथ एनएसई आईपीओ के ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) हिस्से पर भी समानांतर रूप से काम करेगा।

–आईएएनएस

एबीएस/


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