एनएसई और आईजीएक्स मिलकर शुरू करेंगे इंडियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट


मुंबई, 9 जनवरी (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) और इंडियन गैस एक्सचेंज (आईजीएक्स) भारत में इंडियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने के लिए आपस में बातचीत कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य देश के प्राकृतिक गैस बाजार को और मजबूत बनाना है। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी सामने आई है।

एक्सचेंज ने कहा कि प्रस्तावित फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट से बाजार में काम करने वाले लोगों को जोखिम से बचाव का एक साफ और आसान तरीका मिलेगा। यह कॉन्ट्रैक्ट भारत में प्राकृतिक गैस की बदलती कीमत तय करने की व्यवस्था के अनुसार तैयार किया जाएगा।

एनएसई ने कहा कि यह साझेदारी उसकी डेरिवेटिव मार्केट में गहरी विशेषज्ञता को स्पॉट नेचुरल गैस ट्रेडिंग, कीमत तय करने और फिजिकल मार्केट के विकास में आईजीएक्स के नेतृत्व के साथ जोड़ेगी।

बयान में कहा गया कि इस नए फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट से गैस उत्पादकों, शहरों में गैस सप्लाई करने वाली कंपनियों, बिजली उत्पादकों, खाद बनाने वाली कंपनियों, उद्योग, व्यापारी और वित्तीय निवेशकों को फायदा होगा। इससे वे गैस की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से खुद को सुरक्षित रख सकेंगे और भविष्य की बेहतर योजना बना सकेंगे।

एनएसई के मुख्य व्यापार विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा कि यह साझेदारी भारत के कमोडिटी डेरिवेटिव मार्केट्स को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक गैस भारत की ऊर्जा जरूरतों में एक महत्वपूर्ण ईंधन के रूप में उभर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश में बनने वाला फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट कीमतों में पारदर्शिता लाएगा, जोखिम प्रबंधन को बेहतर करेगा और भारतीय बाजार के अनुसार गैस की भरोसेमंद कीमत तय करने में मदद करेगा।

यह साझेदारी देश की ऊर्जा जरूरतों में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने और बाजार आधारित मूल्य निर्धारण तंत्र को बढ़ावा देने जैसे व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है।

नियामक संस्थाओं की मंजूरी मिलने के बाद एनएसई और आईजीएक्स कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी पूरी जानकारी और समय-सीमा की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही सभी संबंधित लोगों के साथ मिलकर इस कॉन्ट्रैक्ट को आसानी से शुरू किया जाएगा।

सरकार पहले ही बिजली उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नेशनल गैस ग्रिड का विस्तार और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) टर्मिनलों को पावर प्लांट से जोड़ने जैसे कई कदम उठा चुकी है।

–आईएएनएस

डीबीपी/एएस


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