भारत से ज्यादा दूसरा कोई साझेदार जरूरी नहीं: यूएस राजदूत सर्जियो गोर

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। ट्रंप सरकार के दूसरे कार्यकाल में भारत और अमेरिका के संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में अमेरिकी सरकार ने रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत और चीन समेत अन्य देशों पर 500 फीसदी टैरिफ थोपने की वकालत की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई दफा मीडिया के सामने भारत को लेकर ऐसे बयान दिए हैं, जिसने भारतीयों की भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। इन सबके बीच भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भारत को यूएस के लिए सबसे अहम साझेदार बताया है।
2025 से ही भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है। ऐसे में अमेरिकी राजदूत ने भारत-अमेरिका ट्रेड पर बड़ा अपडेट दिया है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि 13 जनवरी को दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड वार्ता को लेकर फिर से बातचीत शुरू होगी।
सर्जियो गोर ने कहा, “आप में से कई लोगों ने मुझसे चल रही ट्रेड डील की बातचीत पर अपडेट मांगा है। दोनों पक्ष लगातार सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। असल में, ट्रेड पर अगली बातचीत मंगलवार को होगी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, इसलिए इसे अंतिम लाइन तक पहुंचाना आसान काम नहीं है, लेकिन हम वहां पहुंचने के लिए पक्के इरादे वाले हैं। हालांकि, ट्रेड हमारे रिश्ते के लिए बहुत जरूरी है। हम सिक्योरिटी, काउंटर-टेररिज्म, एनर्जी, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे दूसरे बहुत जरूरी क्षेत्रों में भी मिलकर काम करते रहेंगे।”
अमेरिकी राजदूत ने भारत को यूएस का सबसे जरूरी साझेदार बताया। उन्होंने कहा, “भारत से ज्यादा जरूरी कोई पार्टनर नहीं है। आने वाले महीनों और सालों में, राजदूत के तौर पर मेरा लक्ष्य एक बहुत बड़ा एजेंडा पूरा करना है। हम यह काम सच्चे रणनीतिक साझेदार के तौर पर करेंगे, जिसमें हर कोई ताकत, सम्मान और नेतृत्व लाएगा।”
उन्होंने पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती को लेकर कहा, “मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पूरी दुनिया घूमी है, और मैं यह कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती सच्ची है। अमेरिका और भारत सिर्फ अपने फायदों से ही नहीं, बल्कि सबसे ऊंचे स्तर पर बने रिश्तों से भी जुड़े हैं। सच्चे दोस्त अलग-अलग राय रख सकते हैं, लेकिन आखिर में हमेशा अपने मतभेद सुलझा लेते हैं।”
सर्जियो गोर ने कहा, “मैं आज आपके साथ एक नई पहल भी शेयर करना चाहता हूं जिसे अमेरिका ने पिछले महीने ही लॉन्च किया है, जिसका नाम पैक्ससिलिका है। पैक्ससिलिका एक अमेरिका के नेतृत्व वाली अमेरिकी पहल है जिसका मकसद जरूरी मिनरल्स और एनर्जी इनपुट से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, एआई डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स तक एक सुरक्षित, खुशहाल और इनोवेशन पर आधारित सिलिकॉन सप्लाई चेन बनाना है।”
उन्होंने आगे कहा कि पिछले महीने इसमें शामिल होने वाले देशों में जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और इजरायल शामिल हैं। आज, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत को अगले महीने इस ग्रुप के देशों में पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
–आईएएनएस
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