‘विपक्ष कुछ भी कर लें CAA कानून कभी वापस नहीं लिया जाएगा….’नागरिकता कानून पर: अमित शाह

‘विपक्ष कुछ भी कर लें CAA कानून कभी वापस नहीं लिया जाएगा….’नागरिकता कानून पर: अमित शाह

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले केंद्र सरकार के तरफ से नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागु करने के ऐलान ने देश भर में हलचल तेज नजर आ रही है। तमाम विपक्षी पार्टियां इस मामले को लेकर केंद्र में बैठी मोदी सरकार पर हमला कर रही है। इस बीच गुरुवार यानी 14 मार्च को गृह मंत्री अमित शाह ने साफ़ कर दिया कि किसी भी कीमत पर CAA वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने ANI से बात करते हुए कहा कि, ” CAA हमारा संप्रभु अधिकार है और हम इस पर कभी भी समझौता नहीं करेंगे।

आज ANI से बातचीत में अमित शाह ने CAA को लेकर विपक्षी पार्टियों को साफ़ कर दिया कि वो चाहें केंद्र सरकार पर जितने भी हमले कर लें मगर सरकार इस मामले में कभी भी कोई समझौता नहीं करने वाली है, इसे वापस नहीं लिया जाएगा। इस बीच उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता पर भी हमला किया। उन्होंने CM अरविंद केजरीवाल के ‘शरणार्थियों को नागरिकता देने से चोरी और बलात्कार बढ़ेंगे’ वाले बयान पर कहा कि, “दिल्ली के मुख्यमंत्री अपने भ्रष्टाचार के उजागर होने से अपना आपा खो बैठे हैं। उन्हें पता नहीं है कि ये लोग भारत में आ चुके हैं और भारत में रह रहे हैं। अगर उन्हें इतनी ही चिंता है तो वे बांग्लादेशी घुसपैठियों की बात नहीं करते या रोहिंग्या का विरोध क्यों नहीं करते? वे वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं…वे विभाजन की पृष्ठभूमि भूल गए हैं, उन्हें शरणार्थी परिवारों से मिलना चाहिए।”

विपक्षी पार्टियों द्वारा CAA की अधिसूचना की टाइमिंग पर विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “सारे विपक्षी दल, चाहे असदुद्दीन ओवैसी हों, राहुल गांधी, ममता बनर्जी हों या केजरीवाल हों ये लोग झूठ की राजनीति कर रहे हैं इसलिए टाइमिंग का महत्व नहीं है। भाजपा ने 2019 में अपने घोषणापत्र में कहा था कि हम CAA लाएंगे और अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को नागरिकता देंगे। 2019 में ही यह बिल संसद के दोनों सदनों ने पारित कर दिया था। कोरोना के कारण थोड़ी देर हुई। विपक्ष तुष्टिकरण की राजनीति कर वोट बैंक को मजबूत करना चाहते हैं। वे बेनकाब हो चुके हैं और देश की जनता जानती है कि CAA इस देश का कानून है। मैं 4 साल में कम से कम मैं 41 बार बोल चुका हूं कि CAA लागू होगा और चुनाव से पहले होगा।”

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