राष्ट्रीय महिला आयोग ने हुबली वायरल वीडियो पर लिया संज्ञान, कड़ी कार्रवाई के निर्देश

हुबली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग ने कर्नाटक के हुबली से सामने आए वायरल वीडियो पर स्वतः संज्ञान लिया है। इस घटना को गंभीर मानते हुए आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कड़ी निंदा की है।
आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह महिला की गरिमा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जेंडर-बेस्ड हिंसा से सुरक्षा के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है। इस संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मामले में एफआईआर दर्ज की जाए, यदि पहले से दर्ज नहीं की गई हो। साथ ही, वायरल वीडियो समेत सभी सबूतों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की जाए। यदि जांच में किसी भी स्तर पर पुलिसकर्मियों की गलती पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, आयोग ने पीड़िता को कानून के अनुसार मेडिकल सहायता, मनोवैज्ञानिक सहयोग, पुनर्वास और उचित मुआवजा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस पूरे मामले में पांच दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
बता दें कि इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने उन पर हत्या की कोशिश, आपराधिक धमकी और दंगा करने सहित गंभीर आरोप लगाए हैं।
एफआईआर पीड़ित भाजपा कार्यकर्ता सुजाता हांडी के भाई मारियादास द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। यह घटना कथित तौर पर 2 जनवरी को हुबली के चालुक्य नगर में हुई थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि माना जा रहा है कि यह घटना दो परिवारों के बीच पुरानी निजी दुश्मनी के कारण हुई है। भाजपा कार्यकर्ता सुजाता हांडी और कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कलाकुंटला कथित तौर पर पिछले कुछ सालों से छोटे-मोटे मुद्दों पर बार-बार झगड़ों में शामिल रही हैं, जो कथित तौर पर इलाके में दबदबे की होड़ के कारण हुआ था।
–आईएएनएस
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