पहले राउंड में बाहर होना आदर्श वापसी नहीं: नडाल


पेरिस, 28 मई (आईएएनएस)। कोर्ट फिलिप-चैटरियर में यह एक भावनात्मक शाम थी, जब ‘किंग ऑफ क्ले’ राफेल नडाल अलेक्जेंडर ज्वेरेव से हारकर रौलां गैरो के पहले दौर से बाहर हो गए।

राफेल नडाल की रिकॉर्ड 14 रौलां गैरो खिताब की विरासत पर उनके ओहदे और क्षमता का प्रमाण है। 37 साल की उम्र में इस स्पैनियार्ड के पास टेनिस में एक शानदार करियर रहा है। अब, जब वो रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके हैं और यह समय उनकी बढ़ती चोटों को देखते हुए बेहद करीब नजर आ रहा है।

14 बार के चैंपियन नडाल को चौथी सीड एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने सीधे सेटों में 6-3, 7-6, 6-3 से हराया।

नडाल ने स्टेडियम में दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा, “यह आखिरी बार होगा जब मैं यहां आप सभी के सामने आऊंगा। मैं 100 फीसदी निश्चित नहीं हूं, लेकिन अगर यह आखिरी बार था, तो मुझे कहना होगा कि मैंने इसका आनंद लिया। मेरे मन में जो भावनाएं हैं, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मेरे लिए लोगों के प्यार को महसूस करना खास था, जिसे मैं सबसे ज्यादा प्यार करता हूं।”

“मैं चोटों के मामले में दो साल बहुत कठिन दौर से गुजरा हूं। रौलां गैरो में वापस आने के लिए मैं उस रिकवरी प्रक्रिया से गुजरा। पहले दौर में हारना आदर्श वापसी नहीं थी। लेकिन मुझे इसे स्वीकार करना होगा। मैं प्रतिस्पर्धी था और मेरे पास मौके थे, लेकिन अलेक्जेंडर ज्वेरेव जैसे महान खिलाड़ी के खिलाफ यह पर्याप्त नहीं था।”

उन्होंने आगामी पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए कोर्ट फिलिप चैटरियर की संभावित वापसी का संकेत दिया, जिससे उनके फैंस को राहत मिली।

नडाल ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “आप सभी ने मुझे यहां जो महसूस कराया है, वह अविस्मरणीय है। मुझे आपसे फिर से मिलने की उम्मीद है।”

–आईएएनएस

एएमजे/आरआर


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