नारी शक्ति वंदन विधेयक को सांसद कमलजीत सहरावत ने बताया देश के लिए ऐतिहासिक क्षण

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में भाग लिया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उपस्थित रहीं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सशक्तीकरण, राजनीतिक भागीदारी और समाज में उनकी भूमिका को और अधिक मजबूत बनाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि पूरे देश में इस समय उत्साह का माहौल है और महिलाओं को उनका अधिकार मिलने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सभी राजनीतिक दल इस विधेयक को लेकर समर्थन दिखा रहे हैं, उससे इसके पारित होने की संभावना मजबूत हो गई है। उनके अनुसार यह देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा और इससे महिला सशक्तीकरण को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस अवसर से समाज को बहुत कुछ सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने भी सम्मेलन में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संघर्ष को नजदीक से देखा है और यह लड़ाई पिछले लगभग 30 वर्षों से लगातार जारी है। उनके अनुसार यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन से भी जुड़ा हुआ है, जिसे लंबे समय से उठाया जा रहा है।
सम्मेलन में मौजूद एक छात्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह इस पहल से बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि यह विधेयक बहुत जरूरी है क्योंकि महिलाओं को लंबे समय तक समाज में पीछे रखा गया है। उनके अनुसार यह बदलाव खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा असर डालेगा, जहां महिलाएं अभी भी विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। छात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद भी व्यक्त किया।
एक अन्य छात्रा ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने पंख फैलाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी जरूरी है, चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र हों या शहरी।
एक अन्य छात्रा ने इस कानून के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे आए हुए समय हो चुका है, लेकिन अभी तक इसे ठीक से लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए क्योंकि उनमें अपार क्षमता होती है। उनके अनुसार इस कानून को जल्द से जल्द पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए, ताकि महिलाओं को वास्तविक सशक्तीकरण मिल सके।
–आईएएनएस
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