मास्को ने माना, 'होर्मुज ब्लॉकेड से पड़ेगा बाजार पर नकारात्मक असर'


मास्को, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सोमवार को माना कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नाकाबंदी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

रूसी न्यूज एजेंसी टीएएसएस ने इसकी जानकारी दी। मास्को में नियमित प्रेस ब्रीफिंग में क्रेमलिन प्रवक्ता ने कहा, “इसका इंटरनेशनल मार्केट पर बुरा असर पड़ता रहेगा; यह बात हम पक्के तौर पर कह सकते हैं।”

एक और सवाल के जवाब में, उन्होंने कहा कि यूएस के होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने की डिटेल्स अभी साफ नहीं हैं।

यूएस की नाकेबंदी की धमकी पर पेसकोव ने कहा, “यहां अभी कई चीजें साफ नहीं हैं और समझ से बाहर हैं, इसलिए मैं इस समय कोई भी खास टिप्पणी करने से बचूंगा।”

रविवार को, संयुक्त राज्य अमेरिका ने साफ कर दिया कि वह 13 अप्रैल से ईरानी पोर्ट्स में आने-जाने वाले जहाजों पर पूरी तरह से समुद्री नाकाबंदी लागू करना शुरू कर देगा।

ये घटनाक्रम यूएस-ईरान के बीच इस्लामाबाद टॉक्स बेनतीजा रहने के बाद सामने आया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की ओर से भी इसकी चेतावनी दी गई है। बताया गया कि यह कदम राष्ट्रपति के आदेश के बाद उठाया गया और दावा किया कि यह “ईरानी पोर्ट्स में आने-जाने वाले सभी समुद्री ट्रैफिक” को टारगेट करेगा, जिसमें अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बंदरगाह भी शामिल हैं।

सेंटकॉम की मानें तो, “इस नाकेबंदी की जद में सभी देश आएंगे,” और उसने कहा कि अमेरिकी सेना होर्मुज स्ट्रेट से गैर-ईरानी बंदरगाहों से गुजरने वाले जहाजों को नहीं रोका जाएगा। एक रिलीज के मुताबिक, नाकेबंदी सोमवार शाम 7.30 बजे (भारतीय समयानुसार) से शुरू होगी।

पूरी दुनिया की नजर विकसित देशों पर टिकी हुई है। इस बीच, मास्को ने घोषणा की कि रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर बीजिंग आएंगे।

रूसी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को घोषणा की, “14-15 अप्रैल को, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का ऑफिशियल दौरा करेंगे, जहां वह चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बातचीत करेंगे।”

इसमें आगे कहा गया, “दोनों देशों के विदेश मंत्री द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों, अलग-अलग स्तर पर संपर्क की संभावनाओं और इंटरनेशनल सहयोग पर चर्चा करेंगे। बैठक यूएन, ब्रिक्स, एससीओ, जी20, एपेक और दूसरे फोरम में मिलकर काम करने पर केंद्रित होगी। यूक्रेनी संकट और मिडिल ईस्ट के हालात समेत कई ज्वलंत और क्षेत्रीय मुद्दों पर डिटेल में बातचीत होने की उम्मीद है।”

–आईएएनएस

केआर/


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