आधुनिक और मजबूत सेना आज की जरुरत : किम जोंग उन

सोल, 26 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने एक सैन्य अकादमी के दौरे के दौरान किसी भी युद्ध से निपटने के लिए एक मजबूत, आधुनिक सेना बनाने का आह्वान किया। राज्य मीडिया केसीएनए ने बुधवार को यह जानकारी दी।
किम का कांग कोन मिलिट्री अकादमी का दौरा ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में मदद के लिए रूस में हजारों सैनिक भेजे हैं।
इस सप्ताह किम ने किम इल सुंग यूनिवर्सिटी ऑफ पॉलिटिक्स का भी दौरा किया, जो एक अन्य विशिष्ट कैडर प्रशिक्षण संस्थान है, जहां उन्होंने सैन्य निष्ठा और बलिदान का आह्वान किया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने कहा कि किम का सैन्य इकाइयों और प्रशिक्षण का पिछला निरीक्षण रूस में अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी का हिस्सा हो सकता है।
केसीएनए ने कहा कि सैन्य अकादमी के हालिया दौरे के दौरान किम ने स्कूल के खराब प्रबंधन और शैक्षणिक सुविधाओं के संचालन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह एक शक्तिशाली सेना के निर्माण के लिए सत्तारूढ़ पार्टी की ‘आधुनिकता और उन्नत चरित्र’ की खोज को पूरा करने में नाकाम रहा।
इसमें कहा गया कि किम ने सुविधाओं के नवीनीकरण और अभ्यास पर ध्यान केन्द्रित करते हुए शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कार्य निर्धारित किए, ताकि छात्र ‘आधुनिक युद्ध के वास्तविक अनुभवों’ के बारे में सीख सकें, साथ ही उन्नत हथियारों और तकनीकी उपकरणों में निपुणता प्राप्त कर सकें।
केसीएनए के अनुसार, किम ने कहा, “वर्तमान अंतरराष्ट्रीय स्थिति, जिसमें साम्राज्यवादियों की आक्रामक और युद्धप्रिय प्रकृति इतिहास में सबसे अधिक खुले तौर पर व्यक्त की गई है, युद्ध और रक्तपात आम बात हो गई है, तो ऐसे में सशस्त्र बलों को युद्ध का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार होने की जरुरत है।”
दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया आधुनिक युद्ध के मैदान के अनुभव प्राप्त करने के लिए, रूस में हथियारों और सैनिकों की आपूर्ति करके लाभ उठाना चाहता है।
कीव ने कहा कि उत्तर कोरियाई सेना को रूस में भारी नुकसान उठाना पड़ा है, इस साल जनवरी की शुरुआत तक 3,000 से अधिक सैनिक मारे गए या घायल हो गए।
–आईएएनएस
एमके/