कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग का गठन जल्द : डीके शिवकुमार


बेंगलुरु, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अब्दुल जब्बार का कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इस्तीफा स्वीकार करते हुए शिवकुमार ने घोषणा की कि अब्दुल जब्बार के नेतृत्व में गठित अल्पसंख्यक विंग की पूरी कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई कमेटी का गठन किया जाएगा।

अब्दुल जब्बार ने अपने इस्तीफे में बताया कि 2026 के उपचुनावों के दौरान दावणगेरे और पूरे कर्नाटक में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों से वे बेहद निराश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय में गहरी नाराजगी है।

उन्होंने विशेष रूप से जमीर अहमद खान के साथ हुए कथित अपमानजनक व्यवहार का उल्लेख किया। जब्बार के अनुसार, “एक स्टार प्रचारक होने के बावजूद उन्हें मीडिया में दावणगेरे उपचुनाव प्रचार से दूर रहने के लिए सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।”

अपने पत्र में जब्बार ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक विभाग को दावणगेरे उपचुनाव के दौरान नजरअंदाज किया गया। उनके अनुसार, “पार्टी नेतृत्व ने विभाग से कोई संवाद या सुझाव नहीं लिया, जबकि कांग्रेस हमेशा समावेशी रणनीति के लिए जानी जाती रही है।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेताओं को किनारे करने और अल्पसंख्यकों के बीच एक ‘सिंडिकेट’ बनाने की कोशिश हो रही है, जो पार्टी के भविष्य के लिए सही नहीं है।

अब्दुल जब्बार ने अपने लगभग 45 वर्षों के कांग्रेस कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने छात्र राजनीति से लेकर राज्य स्तर तक विभिन्न पदों पर काम किया है। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद के चुनावों में भी सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक मतदाता और पदाधिकारी कांग्रेस पार्टी की रीढ़ हैं और उन्हें बेहतर सम्मान मिलना चाहिए।

वहीं, शिवकुमार के अनुसार, “अल्पसंख्यक विंग की नई कमेटी का गठन जल्द किया जाएगा।” हालांकि, जब्बार के इस्तीफे और उनके आरोपों ने राज्य कांग्रेस के अंदरूनी हालातों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

–आईएएनएस

एएमटी/एबीएम


Show More
Back to top button