मेक्सिको का यूएसएमसीए समीक्षा में अमेरिका से टैरिफ खत्म करने पर रहेगा जोर: मंत्री मार्सेलो

मेक्सिको सिटी, 2 जून (आईएएनएस)। मेक्सिको के अर्थव्यवस्था मंत्री मार्सेलो एब्रार्ड ने कहा है कि मेक्सिको, उत्तरी अमेरिका के त्रिपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा प्रक्रिया के दौरान अमेरिका पर दबाव बनाएगा कि वह मौजूदा टैरिफ को खत्म करे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने एक कार्यक्रम में बताया कि पिछले हफ्ते अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (यूएसएमसीए) की औपचारिक समीक्षा के पहले दौर की बातचीत के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने कई सुझाव रखे हैं।
एब्रार्ड ने पत्रकारों से कहा, “अमेरिका की तरफ से कई तरह के प्रस्ताव आए हैं, जिनमें प्रोडक्ट कंटेंट, ‘रूल्स ऑफ ओरिजिन’, तीसरे देशों से जुड़े नियम और अन्य मुद्दे शामिल हैं।” उन्होंने स्टील, एल्युमिनियम, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री और आर्थिक सुरक्षा जैसे विषयों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका वैश्विक व्यापार व्यवस्था में एक ‘बड़ा बदलाव’ कर रहा है, जिसमें यूएसएमसीए भी शामिल है।
उनके अनुसार, अमेरिका अब ऐसी नीति अपना रहा है जिसमें अलग-अलग देशों से आने वाले सामान पर अलग-अलग टैरिफ लगाए जा रहे हैं। मेक्सिकन अधिकारियों का कहना है कि यह तरीका पिछले कई दशकों से चले आ रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार सिस्टम से काफी अलग है, खासकर मेक्सिको और कनाडा जैसे साझेदार देशों के लिए।
एब्रार्ड ने कहा, “अभी अमेरिका एक ऐसा सिस्टम बना रहा है जिसमें अलग-अलग देशों को अलग-अलग टैरिफ देना होगा। इसे समझना काफी जटिल है।”
उन्होंने यह भी कहा कि मेक्सिको की कोशिश होगी कि टैरिफ जितना हो सके उतना कम हो, और सबसे अच्छा हालात तो वही होंगे जब पूरी तरह से फ्री ट्रेड (मुक्त व्यापार) वापस आ जाए।
अर्थव्यवस्था मंत्रालय अगले मीटिंग में ऐसे कई प्रस्ताव रखेगा जो देश के उद्योगों के सही हितों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
मेक्सिको और अमेरिका के अधिकारियों ने पिछले हफ्ते पुष्टि की थी कि यूएसएमसीए की समीक्षा पर दूसरी दौर की बातचीत 16-17 जून को वाशिंगटन डीसी में होगी। इसमें कृषि से जुड़े मुद्दों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की शर्तों पर बात होगी, साथ ही ‘रूल्स ऑफ ओरिजिन’ पर चर्चा आगे बढ़ेगी।
तीसरा दौर जुलाई के तीसरे हफ्ते में मैक्सिको सिटी में होगा, जिसमें बाकी बचे मुद्दों को खत्म करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके बाद इस साल के अंत में तीनों देशों की संयुक्त समीक्षा होगी, जैसा कि समझौते में तय है।
–आईएएनएस
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