फिलीपींस में मेयोन ज्वालामुखी के अलर्ट का स्तर लेवल-3 पर पहुंचा


मनीला, 6 जनवरी (आईएएनएस)। फिलीपींस के ज्वालामुखी वैज्ञानिकों ने मंगलवार को लूजोन द्वीप पर अल्बे प्रांत में मेयोन ज्वालामुखी के अलर्ट का स्तर बढ़ाकर अलर्ट लेवल 3 कर दिया। फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी ने जानकारी दी है कि अलर्ट लेवल गुंबद ढहने से पाइरोक्लास्टिक डेंसिटी करंट की शुरुआत का हवाला देते हुए बढ़ाया गया है।

इंस्टीट्यूट ने इस सिलसिले में एक एडवाइजरी जारी कर कहा, “मायोन ज्वालामुखी में समिट लावा डोम के भीतर मैग्मैटिक विस्फोट जारी है। इससे लावा फ्लो और खतरनाक पाइरोक्लास्टिक डेंसिटी करंट्स (पीडीसीएस) का खतरा बढ़ गया है, जो ज्वालामुखी की ऊपरी से लेकर मध्य ढलानों को प्रभावित कर रहे हैं।”

चेतावनी दी गई है कि आने वाले दिनों या हफ्तों में विस्फोटक गतिविधि की संभावना भी बनी हुई है।

इंस्टीट्यूट ने बताया कि मायोन ज्वालामुखी के अनस्टेबल समिट डोम के बार-बार गिरने से रॉकफॉल, यानी चट्टान गिरने की घटनाओं की संख्या और उनका आकार दोनों बढ़ गए हैं।

सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी, 2026 से अब तक कुल 346 रॉकफॉल इवेंट्स और चार ज्वालामुखी भूकंप दर्ज किए गए हैं। वहीं, नवंबर से दिसंबर 2025 तक 599 रॉकफॉल इवेंट्स रिकॉर्ड किए गए थे।

पीडीसीएस, लावा फ्लो, रॉकफॉल और अन्य ज्वालामुखीय खतरों के बढ़ते जोखिम को देखते हुए, इंस्टीट्यूट ने ज्वालामुखी के चारों ओर छह किलोमीटर के दायरे में स्थित परमानेंट डेंजर जोन को खाली कराने की सलाह दी।

इसके अलावा, अधिकारियों ने मायोन के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

प्रशासन व आपदा जोखिम न्यूनीकरण से जुड़े अधिकारियों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील भी की गई। अनुमान लगाया जा रहा है कि हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।

इंस्टीट्यूट ने कहा, “इमारत से पानी निकालने वाले चैनलों के साथ पायरोक्लास्टिक डेंसिटी करंट, लाहर और मिट्टी से भरी धाराओं से ज्यादा सावधानी बरतने की भी जरूरत है।”

इससे पहले 1 जनवरी को, पीएचआईवीओएलसीएस ने ज्वालामुखी की बढ़ती गतिविधि के संकेत दिए थे। इसके बाद लूजोन द्वीप पर अल्बे प्रांत में मेयोन ज्वालामुखी का अलर्ट का स्तर बढ़ा दिया था। पीएचआईवीओएलसीएस ने कहा कि अलर्ट लेवल 1 (कम-लेवल की अशांति) से अलर्ट लेवल 2 (बढ़ती या मध्यम स्तर की अशांति) तक बढ़ने का मतलब यह है कि ज्वालामुखी के नीचे मैग्मा बढ़ रहा है, जिससे अचानक विस्फोटक गतिविधि की संभावना बढ़ जाती है।

इंस्टीट्यूट ने एक एडवाइजरी में कहा, “इसका मतलब है कि अभी उथली मैग्मैटिक प्रक्रियाओं की वजह से अशांति है, जिससे खतरनाक मैग्मैटिक विस्फोट हो सकता है। लोगों को पूरी तरह से सलाह दी जाती है कि वे सावधान रहें और छह किलोमीटर के दायरे वाले परमानेंट डेंजर जोन में जाने से बचें। धमाकों और उससे जुड़े खतरों से बचने के लिए यह बहुत जरूरी है।”

मायोन देश का सबसे एक्टिव ज्वालामुखी है और इसकी सक्रियता से जुड़ी गतिविधि का लंबा इतिहास रहा है।

–आईएएनएस

केके/एबीएम


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