मायावती की बीएसपी कार्यकर्ताओं से अपील, कांशीराम जयंती को बनाएं सफल


नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने बीएसपी कार्यकर्ताओं से 15 मार्च को मनाई जाने वाली कांशीराम की जयंती के अवसर पर पूरे देश में आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि मान्यवर कांशीराम के विचारों और संघर्षों को जन-जन तक पहुंचाना बीएसपी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।

बसपा प्रमुख मायावती ने अपने संदेश में कहा कि 15 मार्च को उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक कांशीराम जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। उन्होंने अपील की कि सभी लोग इन कार्यक्रमों को पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ सफल बनाएं, ताकि कांशीराम के सामाजिक न्याय और बहुजन हिताय के मिशन को आगे बढ़ाया जा सके।

मायावती ने कहा कि देश की राजनीति में दलितों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए कांशीराम ने बीएसपी की स्थापना की थी।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लंबे समय तक केंद्र की सत्ता में रहने के बावजूद बीआर अंबेडकर को उचित सम्मान नहीं दिया और उन्हें लंबे समय तक भारत रत्न से भी वंचित रखा।

उन्होंने कहा कि कांशीराम के निधन के समय भी केंद्र में कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय उत्तर प्रदेश में सपा सरकार ने भी राजकीय शोक घोषित नहीं किया था।

मायावती ने अपने संदेश में यह भी कहा कि कई अन्य राजनीतिक दल और संगठन समय-समय पर कांशीराम के नाम का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते रहे हैं। उन्होंने बीएसपी समर्थकों से अपील की कि वे ऐसी कोशिशों से सतर्क रहें और पार्टी को कमजोर करने वाली ताकतों से सावधान रहें।

बसपा प्रमुख ने विशेष रूप से कांग्रेस से सतर्क रहने की बात कहते हुए कहा कि दलितों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए ही कांशीराम को बीएसपी जैसी पार्टी बनाने की आवश्यकता पड़ी थी। उन्होंने कहा कि कांशीराम जयंती के अवसर पर उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया जाना चाहिए। कांशीराम ने समाज के वंचित, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों को संगठित कर उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया। उनकी विचारधारा आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

–आईएएनएस

एसएके/एबीएम


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