मौलाना कारी इसहाक गोरा ने संघ प्रमुख की 'घर वापसी' टिप्पणी पर जताई आपत्ति, बोले- शोभा नहीं देते ऐसे बयान

सहारनपुर, 21 फरवरी (आईएएनएस)। जमीयत दावातुल मुस्लिमीन के संरक्षक और प्रसिद्ध देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के ‘घर वापसी’ वाले बयान पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि कुछ चुनिंदा लोग धर्म के नाम पर राजनीति करना चाहते हैं और जनता को उकसाना चाहते हैं। मोहन भागवत एक बुद्धिजीवी हैं और उन्हें इस तरह के बयान शोभा नहीं देते हैं।
मौलाना कारी इसहाक गोरा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “आरएसएस चीफ मोहन भागवत एक समझदार और इज्जतदार इंसान हैं। उनकी बातों का पूरे देश में बहुत महत्व है। हाल ही में उन्होंने ‘घर वापसी’ के बारे में एक बयान दिया। मुझे लगता है कि उनकी जुबान फिसली है। वह जानबूझकर दिया हुआ बयान नहीं लगता है। ऐसा भी हो सकता है कि उनके बयान के पीछे कोई और मंशा हो सकती है।”
उन्होंने आगे कहा, “मोहन भागवत के बयान के बाद अरशद मदनी का भी एक वीडियो सामने आया। असल सच्चाई यह है कि अरशद मदनी का वीडियो काफी पुराना था।”
कारी इसहाक गोरा ने कहा कि कुछ चुनिंदा लोग धर्म के नाम पर राजनीति करना चाहते हैं और जनता को उकसाना चाहते हैं। वे जनता में भय पैदा करके उन्हें अलग-अलग बांटना चाहते हैं। यह बहुत निंदनीय है। इससे देश भी कमजोर होगा। हम ऐसे बयानों से नाखुश हैं, क्योंकि इस तरह के बयान नहीं आने चाहिए।
‘द केरला स्टोरी-2’ पर विवाद के बीच मौलाना ने कहा, “बॉलीवुड पहले ही अपनी साख खो चुका है। प्रोड्यूसर, एक्टर और इससे जुड़े सभी लोगों ने अब एक नया एजेंडा अपना लिया है। इस एजेंडा में ऐसी फिल्में बनाना शामिल है जो कुछ खास कम्युनिटी को टारगेट करती हैं, लोगों में डर पैदा करती हैं और यह दिखाती हैं कि एक धर्म के लोग दूसरे धर्म के लोगों को भड़का रहे हैं या उन पर असर डाल रहे हैं।”
कारी इसहाक गोरा ने कहा कि ‘लव जिहाद’ जैसी कहानियां बिल्कुल फर्जी हैं। यह सिर्फ एक एजेंडा चलाने का प्रयास है। हालांकि, लोगों को इसके बारे में पता चल चुका है। वे गुमराह नहीं हो सकते हैं।
–आईएएनएस
डीसीएच/