तमिलनाडु में एनडीए गठबंधन मजबूत, डीएमके सरकार के खिलाफ जनता तंग आ चुकी: मनन मिश्रा

नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में सज्जन कुमार को बरी किए जाने पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। भाजपा सांसद एवं बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने गुरुवार को इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। साथ ही उन्होंने तमिलनाडु में एनडीए गठबंधन को मजबूत बताया।
मनन कुमार मिश्रा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “पूरी जांच और सभी सबूत इकट्ठा करने के बाद मुकदमा चला और ट्रायल हुआ। अब इतने दिनों बाद जब बरी किया गया है तो हमें देखना होगा कि आगे क्या होता है। जांच एजेंसी इसमें अपील फाइल करती है कि नहीं? फिलहाल अदालत ने सज्जन कुमार को निर्दोष ठहराया है। ऊपरी अदालत से भी अगर वे अपीलीय कोर्ट से भी निर्दोष साबित हो जाएं तो उसके बाद ही हम कुछ कह पाएंगे। अभी इस मामले में कुछ भी कहना उचित नहीं है।”
मनन मिश्रा ने तमिलनाडु में एएमएमके के एनडीए में शामिल होने पर कहा, “हमने तमिलनाडु में जो गठबंधन बनाया है, वह बहुत मजबूत और असरदार है। तमिलनाडु की जनता डीएमके सरकार से पूरी तरह तंग आ चुकी है। डीएमके में फैले भ्रष्टाचार की वजह से लोग परेशान हैं। प्रदेश में जंगलराज टाइप का हाल हो गया है। पीयूष गोयल ने बिल्कुल सही दावा किया है कि इस चुनाव में तमिलनाडु के अंदर एनडीए की सरकार बननी तय है।”
मनन मिश्रा ने आईपैक को करोड़ों रुपए का लोन देने वाली कंपनी का पता नहीं चलने पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, आईपैक एक फर्जीवाड़ा और घोटाला करने वाला संगठन था। उसकी वजह से वहां पर ईडी का रेड पड़ा। अब पता चला कि जिससे लोन लेने की बात कर रहे हैं, वह कंपनी हरियाणा में है, जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है। ऐसे में धीरे-धीरे सभी बातें सामने आएंगी और उनकी जांच होगी। सीएम ममता बनर्जी को डर था कि सभी बातें खुल जाएंगी, इसलिए वे जल्दबाजी में आईपैक के ऑफिस जाकर लैपटॉप समेत सभी चीजों को उठा लिया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे नए खुलासे होंगे।
उन्होंने भारत में होने वाले आगामी वर्ल्ड कप में बांग्लादेश टीम के नहीं शामिल होने को लेकर कहा, “बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं। बांग्लादेश में हालात बहुत खराब हैं। अगर बांग्लादेश सोचता है कि नागरिकों को वहां जैसी ही स्थिति का सामना करना पड़ेगा तो यह गलत सोच है। बांग्लादेश को भारत आने को लेकर असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए।”
–आईएएनएस
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