टीएमसी के घोषणा पत्र से ममता बनर्जी को कुछ भी लाभ नहीं होगा : शंकर घोष

सिलीगुड़ी, 20 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने घोषणा पत्र जारी कर दिया। भाजपा नेता शंकर घोष ने टीएमसी के घोषणा पत्र पर तंज कसते हुए कहा कि अब ममता बनर्जी की विदाई का समय आ गया है, घोषणा पत्र से कुछ भी हासिल नहीं होगा।
सिलीगुड़ी में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता शंकर घोष ने कहा कि यह घोषणा पत्र ममता बनर्जी को कुछ लाभ नहीं देने वाला है। 4 मई को ममता बनर्जी की विदाई तय है। टीएमसी के घोषणा पत्र का कोई मतलब नहीं है। वह इस साल सरकार में नहीं आ रहे हैं।
पलायन का मुद्दा उठाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि ममता बनर्जी के 15 साल के शासन में स्थिति यह हो गई है कि लोग पश्चिम बंगाल छोड़कर जा रहे हैं। ममता बनर्जी के घोषणा पत्र में स्वास्थ्य संबंधित घोषणा सिर्फ एक जुमला है। इसका मतलब यह है कि वह चिकित्सा की बात नहीं कर रही हैं, विनाश की बात कर रही हैं, और सरकार खुद वेंटिलेटर पर है। मैं इतना कह सकता हूं कि जो घोषणा पत्र में जो वादे किए जा रहे हैं, उसका बंगाल की जनता पर असर नहीं पड़ेगा।
बताते चलें कि टीएमसी के घोषणा-पत्र में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी 10 ‘प्रतिज्ञाएं’ प्रस्तुत की हैं। ये प्रतिज्ञाएं उनकी सरकार के संभावित चौथे कार्यकाल में विकास को निरंतर गति देने का रोडमैप हैं।
सीएम ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं बंगाल के लिए अपनी 10 ‘प्रतिज्ञाएं’ विनम्रतापूर्वक प्रस्तुत करती हूं, ताकि मेरी सरकार के चौथे कार्यकाल में विकास का पहिया निरंतर आगे बढ़ता रहे।”
सबसे पहले ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में महिलाओं की मासिक वित्तीय सहायता बढ़ाई जाएगी। सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1,500 रुपए (सालाना 18,000) और एससी/एसटी लाभार्थियों को 1,700 रुपए (सालाना 20,400) मिलेंगे, जिसमें 500 रुपए की वृद्धि शामिल है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर केंद्रित है।
हर परिवार को पक्का मकान और हर घर तक पाइपलाइन से पीने का पानी उपलब्ध कराने का वादा भी किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में ‘द्वारे चिकित्सा’ शिविरों का आयोजन प्रत्येक ब्लॉक और शहर में किया जाएगा, ताकि चिकित्सा सुविधाएं द्वार तक पहुंच सकें। शिक्षा क्षेत्र में ‘बांग्लार शिक्षायतन’ पहल के तहत सभी सरकारी विद्यालयों के ढांचागत उन्नयन पर जोर दिया जाएगा।
–आईएएनएस
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