महाराष्ट्र ने नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में शीर्ष स्थान प्राप्त किया, मुख्यमंत्री फडणवीस ने जताई खुशी


मुंबई, 14 जनवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र ने नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में शीर्ष स्थान प्राप्त करने पर खुशी जताई है। उन्‍होंने कहा कि महाराष्ट्र ने नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024 में तमिलनाडु और गुजरात को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। नीति से लेकर प्रदर्शन तक, राज्य भारत की विकास गाथा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्ट में लिखा, “निर्यात के लिए तैयार, भविष्य के लिए तैयार महाराष्ट्र ने नेतृत्व किया। यह बताते हुए मुझे अत्यंत गर्व हो रहा है कि महाराष्ट्र ने नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024 में तमिलनाडु और गुजरात को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। नीति से लेकर प्रदर्शन तक, हम भारत की विकास गाथा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। महाराष्ट्र की प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं: समग्र स्कोर: 68.01 (भारत में उच्चतम), कुल निर्यात (वित्त वर्ष 2024): 5.63 लाख करोड़ रुपए, वर्गीकरणः ‘अग्रणी’ राज्य के रूप में मान्यता प्राप्त।”

उन्होंने आगे कहा,”प्रमुख क्षेत्रः रत्न और आभूषण (भारत के निर्यात का 47 प्रतिशत), फार्मास्यूटिकल्स (भारत में सबसे अधिक क्लस्टर) और रसायन (भारत के सकल बाजार मूल्य का 19 प्रतिशत) में सबसे मजबूत प्रदर्शन। अवसंरचनाः 50 चालू बंदरगाहों और 13 एयर कार्गो टर्मिनलों द्वारा समर्थित। यह उपलब्धि हमारे औद्योगिक और व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाती है।”

नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत की निर्यात दिशा राज्यों और जिलों की तैयारियों पर तेजी से निर्भर कर रही है। निर्यात अवसंरचना को मजबूत करने, लागत प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने, सुदृढ़ संस्थाओं का निर्माण करने और पूर्वानुमानित एवं पारदर्शी नीतिगत वातावरण को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। वैश्विक अस्थिरता के बीच दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने, रोजगार सृजन, क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में गहन एकीकरण के लिए उप-राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात तत्परता बढ़ाना आवश्यक बताया गया।

सदस्य डॉ. अरविंद विरमानी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की इस गति को बनाए रखने और बढ़ाने में उनकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी ताकत की पहचान करने, संरचनात्मक कमियों को दूर करने और नए व्यापार अवसरों का लाभ उठाने के लिए रणनीतियां तैयार करने की आवश्यकता है। डॉ. विरमानी ने प्रतिस्पर्धा के लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के संबंध में प्रधानमंत्री के आह्वान को दोहराया।

सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, 2024 संस्करण में व्यापक आर्थिक स्थिरता, लागत प्रतिस्पर्धा, मानव पूंजी, वित्तीय पहुंच और एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र जैसे नए आयामों को शामिल करके विश्लेषणात्मक गहराई को मजबूत किया गया है, जबकि सटीकता और नीतिगत प्रासंगिकता को बढ़ाने के लिए मौजूदा संकेतकों को परिष्कृत किया गया है।

–आईएएनएस

एएसएच/


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