महाराष्ट्र : सतारा में ईएसआईसी अधिकारी रिश्वतखोरी में दोषी, एक साल की सजा और जुर्माना

मुंबई, 11 फरवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के सतारा में विशेष अदालत ने मंगलवार को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) सतारा के सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर (एसएसओ) स्वप्निल जाधव को रिश्वतखोरी के एक मामले में दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास और 50,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने ट्रायल के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी सरकारी कर्मचारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया।
सीबीआई ने इस मामले में 28 मार्च 2016 को एक लिखित शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि स्वप्निल जाधव ने शिकायतकर्ता की फर्म पर 10 से अधिक कर्मचारियों को काम पर रखने के कथित उल्लंघन को लेकर 3 लाख रुपए की पेनल्टी न लगाने के एवज में 30,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी। बाद में बातचीत के दौरान आरोपी 25,000 रुपए में रिश्वत लेने के लिए तैयार हो गया।
सीबीआई ने 28 मार्च 2016 को जाल बिछाकर कार्रवाई की और आरोपी स्वप्निल जाधव को एक निजी व्यक्ति के साथ शिकायतकर्ता से 25,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया गया था। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 28 जून 2016 को स्वप्निल जाधव और निजी व्यक्ति अभिजीत जाधव के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने स्वप्निल जाधव को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई, जबकि सह-आरोपी अभिजीत जाधव को साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। अदालत के फैसले के साथ ही यह मामला कानूनी प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण पर पहुंच गया है।
–आईएएनएस
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