विजय की फिल्म ‘जना नायगन’ को सेंसर सर्टिफिकेट देने का आदेश मद्रास हाईकोर्ट ने किया रद्द, रिलीज में हो सकती है देरी


चेन्नई, 27 जनवरी (आईएएनएस)। मद्रास हाईकोर्ट ने अभिनेता विजय की फिल्म ‘जना नायगन’ को सेंसर सर्टिफिकेट देने के सिंगल जज के आदेश को रद्द कर दिया है। मंगलवार को हाईकोर्ट ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट के इस आदेश के बाद फिल्म की रिलीज में देरी हो सकती है।

सेंसर बोर्ड ने अपनी याचिका में सिंगल जज के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें एक्टर विजय की फिल्म ‘जना नायगन’ को तुरंत सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया गया था। सिंगल जज ने फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजने के निर्देश को भी खारिज किया था।

पिछली सुनवाई में मद्रास हाईकोर्ट ने ‘जना नायगन’ और सेंसर बोर्ड विवाद पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। मंगलवार को हाईकोर्ट ने सिंगल जज के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि सिंगल जज को सेंसर बोर्ड को जवाब देने के लिए समय देना चाहिए था।

‘जना नायगन’ फिल्म तब तक सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकती, जब तक कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) की ओर से इसे प्रदर्शनी के लिए मंजूरी नहीं मिल जाती। फिल्म को अभी तक बोर्ड से सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला है।

दरअसल, यह फिल्म पोंगल त्योहार से पहले 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन रिलीज से कुछ दिन पहले सेंसर बोर्ड ने प्रोडक्शन हाउस केवीएन ​​प्रोडक्शंस को सूचित किया कि बोर्ड की एक शिकायत के आधार पर फिल्म को रिव्यूइंग कमेटी के पास भेजा गया है।

इसके बाद मेकर्स ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया, जिसने शुरुआती जीत में सेंसर बोर्ड को फिल्म में बदलाव करने के बाद यूए सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया।

लेकिन सेंसर बोर्ड ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील की, जिसके बाद मद्रास हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच ने सेंसर बोर्ड को सर्टिफिकेट देने के सिंगल बेंच के निर्देश पर रोक लगाई। केवीएन प्रोडक्शंस ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था। 15 जनवरी को शीर्ष अदालत ने याचिका खारिज करते हुए मद्रास हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया।

–आईएएनएस

डीसीएच/वीसी


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