मध्य प्रदेश: स्टेट टाइगर फोर्स ने भिंड में वन्यजीव तस्कर को गिरफ्तार किया

ग्वालियर, 11 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एमपी-एसटीएसएफ) ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) के साथ मिलकर, बुधवार को ग्वालियर संभाग के शिवपुरी जिले से एक वांछित वन्यजीव तस्कर मिश्रीलाल माहौर को गिरफ्तार कर लिया।
एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि माहौर के ठिकाने के बारे में जानकारी मिलने पर स्टेट टाइगर फोर्स की एक टीम ने भिंड जिले के गोहद गांव में उसके घर पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया।
माहौर पर कथित तौर पर ‘रेड क्राउन रूफ टर्टल’ (लाल मुकुट वाले कछुओं) की बड़े पैमाने पर तस्करी में शामिल होने का आरोप है, और वह पिछले नौ सालों से फरार चल रहा था।
स्टेट टाइगर फोर्स ने इससे पहले एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया था जो चंबल नदी में पाई जाने वाली एक दुर्लभ प्रजाति, ‘रेड क्राउन रूफ टर्टल’ (लाल मुकुट वाली छत वाली कछुए) की विदेशों में तस्करी में शामिल था। इस मामले में 5 मई, 2017 को इस मामले में वन अपराध का केस दर्ज किया था।
इस मामले में चार राज्यों से कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें 11 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। बाद में यह केस सीबीआई को सौंप दिया गया, जिसने तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
यह घटनाक्रम स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के साथ मिलकर चलाए गए एक समन्वित अभियान के तीन दिन बाद सामने आया है, जिसमें सोमवार को कानपुर से सरीसृपों की तस्करी करने वाले एक गिरोह के सरगना तारक नाथ घोष को गिरफ्तार किया गया था।
कछुओं और घड़ियालों के अंतरराष्ट्रीय अवैध व्यापार के तीन मामलों में वांछित आरोपी पिछले आठ सालों से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ तीन अलग-अलग अदालतों ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
मिली जानकारी के अनुसार, घोष ने अपना सिंडिकेट कई राज्यों में फैला रखा था, जिनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। यह भी संदेह है कि उसका नेटवर्क भारत के बाहर भी फैला हुआ है, जिसमें बांग्लादेश, थाईलैंड, म्यांमार और सिंगापुर शामिल हैं।
–आईएएनएस
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