नाजीवाद का एक अपडेटेड वर्जन है मेड इन रूस: सुलह दिवस पर बोले राष्ट्रपति जेलेंस्की

नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। यूक्रेन दूसरे विश्व युद्ध में नाजीवाद पर विजय को 8 मई को स्मृति और सुलह दिवस के रूप में मनाता है। रूस के विक्ट्री डे और यूक्रेन के सुलह दिवस के मौके पर दोनों देशों के बीच 8-10 मई तक सीजफायर का ऐलान किया गया, हालांकि सीजफायर के ऐलान के बाद भी हमलों की खबर सामने आईं। इस मौके पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा कि आज नाजीवाद पर याद और जीत का दिन है। वह दिन जब पूरा यूरोप 20वीं सदी के सबसे भयानक युद्ध के खत्म होने का जश्न मनाएगा।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एक ऐसा युद्ध जिसके बाद सिर्फ सच्ची शांति होनी चाहिए थी। यह उस समय का सपना था, जब दूसरे विश्व युद्ध की बंदूकें शांत होने लगी थीं। उस युद्ध ने हमारी जमीन को बेरहम लड़ाई, कब्जे वाले इलाके में गलत इस्तेमाल और लोगों और जानों की बड़े पैमाने पर तबाही का मैदान बना दिया। दूसरे विश्व युद्ध में यूक्रेनी लोगों का नुकसान सबसे ज्यादा था और नाजियों को हराने में यूक्रेन के लोगों का योगदान भी सबसे ज्यादा था। यूक्रेन के लाखों लोगों ने हिटलर-विरोधी गठबंधन के देशों की अलग-अलग सेनाओं में काम करते हुए नाजीवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी। यूक्रेन के लाखों लोग जीतने वालों में शामिल थे, जिन्होंने पूरी बुराई को हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी थी।”
उन्होंने कहा, “बदकिस्मती से 81 साल बाद हमें एक बार फिर बुराई को रोकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, ऐसी बुराई जो उतनी ही पक्की है। ऐसी बुराई जो बर्बादी और गाली-गलौज के अलावा कुछ नहीं लाती और वैसी ही दुश्मनी की सोच पर आधारित बुराई। नाजीवाद का एक अपडेटेड वर्जन, जिस पर लिखा है मेड इन रूस।”
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि आज इस तरह के रूसी हमले को एकजुट आजाद दुनिया हरा सकती है और उसे हराना भी होगा और मैं उन सभी का शुक्रगुजार हूं जो हमारी जान बचाने में मदद करते हैं। मैं उन सभी का शुक्रगुजार हूं जो इस रूसी सरकार को दुनिया को यह तय करने नहीं दे रहे हैं कि आगे क्या होगा। लोगों की जान और पुतिन से देशों की आजादी की रक्षा करना उन लोगों की याद का सम्मान करने का एक बहुत ही सम्मानजनक तरीका है जिन्होंने हिटलर को यूरोप और दुनिया पर कब्जा नहीं करने दिया।
उन्होंने कहा कि नाजीवाद के खिलाफ लड़ने और लोगों को आजाद कराने वाले सभी लोगों का हमेशा शुक्रिया! दूसरे विश्व युद्ध के सभी बेगुनाह पीड़ितों की याद को सलाम! जान बचाने वाले हर रक्षक की जय!
–आईएएनएस
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