विपक्षी दलों के नेताओं को सेना पर भरोसा नहीं, कांग्रेस को पाकिस्तान से समर्थन : भाजपा

लखनऊ, 11 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा पुलवामा हमले को मोदी सरकार और खुफिया विभाग की विफलता करार दिए जाने पर भाजपा नेता आनन्द दुबे ने तल्ख टिप्पणी की है।

उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने सवाल उठाये हैं। कांग्रेस के नेताओं और ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगियों ने उस समय भी सबूत मांगे थे जब भारत की सेना गलवान में चीन की सेना को खदेड़ रही थी।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने साल 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए हैं। रेड्डी ने पुलवामा हमले को इंटेलिजेंस की विफलता बताते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हुई भी या नहीं, हमें नहीं पता है। इस बारे में किसी को भी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले का राजनीतिक फायदा भाजपा को हुआ था।

आनन्द दुबे ने कहा कि जब भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी, उस वक्त भी राहुल गांधी चीन के समर्थन में बयान दे रहे थे। दिग्विजय सिंह हाफिज सईद को ‘जी’ बता चुके हैं, मणिशंकर अय्यर के बयान आप जानते ही हैं, किस तरह से पाकिस्तान में जाकर इन लोगों ने कहा था कि पीएम मोदी को हटाने में हमारी मदद कीजिए। अब चुनाव के समय में जिस तरह से पाकिस्तान से राहुल गांधी के समर्थन में और कांग्रेस नेताओं की ओर से पाकिस्तान के समर्थन में जो बयान आ रहे हैं, इस पर जनता तो पूछेगी कि ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’।

पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने हाल में ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक वीडियो रीपोस्ट किया था। इस वीडियो में राहुल गांधी अयोध्या में हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा पर निशाना साध रहे हैं। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा था, ‘राहुल ऑन फायर।’

भाजपा नेता ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि कांग्रेस नेताओं की ओर से ये सारे बयान जान-बूझकर तुष्टीकरण के लिए और एक खास वोट बैंक को साधने के लिए दिये जा रहे हैं। ये सारे बयान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की इच्छा से उनके नेता दे रहे हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ये अच्छी बात है कि उन्हें कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। वह कम से कम अब ये तो नहीं कहेंगे कि भाजपा ने उन्हें प्रचार करने नहीं दिया। अब वह चुनाव आयोग और देश की अदालत पर सवाल नहीं उठा पाएंगे। सबसे बड़ी बात है कि जिस तरह से आम आदमी पार्टी और ‘इंडिया’ गठबंधन के लोग खुश हो रहे हैं तो उनको यह समझना चाहिए कि कोर्ट ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी है, उन्हें ईमानदारी का सर्टिफिकेट नहीं दिया है।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के बाद सीएम केजरीवाल को वापस फिर उसी तिहाड़ में जाना है जो भविष्य में उनका स्थायी पता बनने वाला है। उनके कुछ साथी वहां बैठकर उनके वापस आने का इंतजार कर रहे हैं। पैरोल पर और जमानत पर बड़े-बड़े सजायाफ्ता अपराधी भी बाहर जाते हैं, फिर केजरीवाल अगर गए हैं तो कौन सी बड़ी बात है।

उन्होंने कहा कि देश की जनता अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी और ‘इंडिया’ गठबंधन की पूरी हकीकत जान चुकी है। यह भ्रष्टाचारियों का एक बड़ा समूह है जो अपने-अपने परिवार की विरासत को बचाने और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए सियासत कर रहा है। हालांकि, इसका सारा भ्रष्टाचार जनता के सामने उजागर है और जनता इन्हें हराने के लिए तैयार बैठी है।

–आईएएनएस

पीएसके/एकेजे

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