दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को दी गई श्रद्धांजलि, कई देशों के नेता हुए शामिल

वाशिंगटन, 4 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान के बड़े और विदेशी अधिकारियों ने तेहरान में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि समारोह शुक्रवार सुबह सेंट्रल तेहरान में इमाम खुमैनी के मोसल्ला प्रार्थना हॉल में शुरू हुआ और पूरे दिन चला।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ, ज्यूडिशियरी चीफ गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई, एक्सपीडिएंसी डिस्कर्नमेंट काउंसिल (ईरान का एक प्रमुख प्रशासनिक और सलाहकार निकाय) के चेयरमैन सादिक अमोली लारीजानी और दूसरे सीनियर अधिकारी समारोह में शामिल हुए।
विदेशी मेहमानों में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, संसद के स्पीकर और मंत्री शामिल थे। इनमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर, अर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान, जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल कवेलशविली, इराकी राष्ट्रपति निजार अमेदी, ताजिक राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन, इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवन बरजानी, साथ ही चीन और रूस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
धार्मिक हस्तियां, विद्वान और आदिवासी नेता भी समारोह में शामिल हुए।
अंतिम संस्कार की रस्में 9 जुलाई तक चलेंगी, जिसमें तेहरान, कोम और मशहद में जुलूस निकाले जाएंगे, साथ ही इराक में भी रस्में होंगी। ईरानी अधिकारियों ने तेहरान और मशहद में खास तारीखों पर पब्लिक बंद और एयरस्पेस पर रोक लगाने की घोषणा की है तथा गुरुवार को राष्ट्रीय शोक का दिन घोषित किया गया है।
बता दें, अली खामेनेई 28 फरवरी को तेहरान में अमेरिकी और इजरायली हमले में मारे गए थे। उनके बेटे, मोजतबा खामेनेई को मार्च में ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था।
इस बीच, विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) ने तेहरान में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत की तरफ से श्रद्धांजलि दी।
एमओएस मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और मैंने तेहरान में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधि किया। सरकार और भारत के लोगों की ओर से श्रद्धांजलि दी।”
विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, “इस सेरेमनी में उच्च-स्तरीय प्रतिनिधित्व दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंधों की अहमियत को दिखाता है, जिसमें लोगों का आपस में जुड़ाव भी शामिल है। यह राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक मजबूत नींव देता है।”
4-5 जुलाई को तेहरान में इमाम खुमैनी के मोसल्ला प्रार्थना हॉल में विदाई समारोह होगा, जिसके बाद 6 जुलाई को तेहरान में अंतिम संस्कार की रस्म होगी। इसके बाद 7 जुलाई को ईरान के कोम शहर में एक और अंतिम संस्कार की रस्म होगी।
–आईएएनएस
केके/एएस