केवी रमना मूर्ति सेबी के पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त हुए


मुंबई, 13 मार्च (आईएएनएस)। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले आर्थिक कार्य विभाग ने आधिकारिक बयान में बताया कि 1991 बैच के इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस ऑफिसर और पूर्व एडिशनल कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स रह चुके अधिकारी कोम्पेला वेंकटा रमना मूर्ति को तीन साल की अवधि के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है।

बयान में बताया कि सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मूर्ति की नियुक्ति को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए, या अगले आदेश तक के लिए मंजूरी दी है।

इससे पहले, मूर्ति कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के प्रतिनिधि के रूप में सेबी बोर्ड में अंशकालिक सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे।

उनकी नियुक्ति के साथ, पिछले वर्ष रिक्तियों के बाद सेबी बोर्ड में पूर्णकालिक सदस्यों की संख्या चार हो गई है। अन्य पूर्णकालिक सदस्यों में कमलेश चंद्र वार्ष्णेय और संदीप प्रधान शामिल हैं, जो भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) कैडर से हैं, और अमरजीत सिंह, जो सेबी में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं।

सेबी बोर्ड में एक अध्यक्ष, चार पूर्णकालिक सदस्य और चार अंशकालिक सदस्य होते हैं। वर्तमान अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने 1 मार्च, 2025 को पदभार ग्रहण किया।

पूर्णकालिक सदस्य भारत के पूंजी बाजारों के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने, जांच करने और नीतियों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सेबी बोर्ड के अंशकालिक सदस्यों में दीप्ति गौर मुखर्जी (सचिव, कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय), अनुराधा ठाकुर (सचिव, आर्थिक मामलों का विभाग), शिरीष चंद्र मुर्मू (उप राज्यपाल, भारतीय रिजर्व बैंक) और एन. वेंकटराम शामिल हैं।

सेबी के चेयरमैन ने इस सप्ताह के प्रारंभ में कहा कि अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड भारत के पूंजी बाजारों के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभरे हैं और देश की आर्थिक मजबूती को बढ़ाने वाले क्षेत्रों के फंडिंग में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

पांडे ने कहा, “वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति इस बात की याद दिलाती है कि पूंजी को केवल लाभ कमाने से कहीं अधिक कार्य करना होगा। इसे मजबूती भी प्रदान करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा कि अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड इंडस्ट्री नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, रसद और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों के वित्तपोषण में मदद कर सकता है, जो भारत की आर्थिक क्षमता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

–आईएएनएस

एबीएस/


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