'खालिदा जिया को दिया गया धीमा जहर', बीएनपी स्टैंडिंग कमेटी का बड़ा आरोप


नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया के स्वास्थ्य में सुधार की अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। उनके जल्दी ठीक होने के लिए देशभर में दुआओं और प्रार्थनाओं का दौर जारी है। इस बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य मिर्जा अब्बास ने शनिवार को बड़ा दावा किया है। मिर्जा अब्बास ने अवामी लीग पर आरोप लगाया है कि उनकी सरकार में जेल में रहने के दौरान खालिदा जिया को ‘स्लो पॉइजनिंग (धीमा जहर)’ दी गई थी।

बांग्लादेशी मीडिया यूएनबी की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, बीएनपी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य मिर्जा अब्बास ने कहा कि खालिदा जिया की बीमारी ‘प्राकृतिक नहीं’ है। खालिदा जिया ने कहा, “बेगम खालिदा जिया की बीमारी नेचुरल नहीं है। वह एक अजीब स्थिति का शिकार हुई हैं। जब वह जेल में थीं, तो उन्हें स्लो पॉइजनिंग (धीमा जहर) दी गई थी।”

बांग्लादेश फोटो पत्रकार संघ ऑडिटोरियम में रूपोशी बांग्ला फोटोग्राफी एग्जीबिशन एंड कॉम्पिटिशन के विजेताओं को उपहार देने के दौरान अब्बास ने कहा, “मैं देश से अपील करूंगा कि हर घर में खालिदा जिया के लिए दुआ करें। खालिदा को लोकतंत्र और देश की आजादी और संप्रभुता को लेकर अपने सख्त रवैये की वजह से जुल्म और दबाव का सामना करना पड़ा।”

उन्होंने बताया कि खालिदा जिया से उन्होंने शुक्रवार रात एवरकेयर हॉस्पिटल में मुलाकात की थी। उन्होंने कहा, “वह एक ऐसी नेता हैं जिन्हें लोग बहुत प्यार करते हैं, एक ऐसी लीडर जिन्होंने लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़ी। मैं सभी से एक बार फिर उनके ठीक होने के लिए दुआ करने की अपील करता हूं।”

बता दें कि इससे पहले यूनुस के आदेश पर उनके कानूनी सलाहकार खालिदा जिया की स्थिति जानने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल से लौटने के बाद उन्होंने फेसबुक पर बताया था कि खालिदा जिया बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं। दूसरी ओर, उनके बेटे और बीएनपी के एक्टिंग चेयरपर्सन, तारिक रहमान, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अपनी मां, खालिदा जिया, के लिए एक भावुक पोस्ट लिखा।

जिया के बेटे ने कहा, “ऐसे मुश्किल समय में मैं भी किसी दूसरे बच्चे की तरह अपनी मां के प्यार भरे स्पर्श के लिए तरसता हूं। लेकिन कई लोगों की तरह, मुझे इस इच्छा को पूरा करने के लिए एकतरफा फैसला लेने या पूरे अधिकार का इस्तेमाल करने की आजादी नहीं है।”

तारिक रहमान ने यह भी कहा, “इस संवेदनशील मामले पर गहराई से बात करने का स्कोप भी लिमिटेड है। हमारे परिवार को उम्मीद है कि जैसे ही यह राजनीतिक सच्चाई मनचाहे स्तर पर पहुंचेगी, अपने वतन लौटने का मेरा लंबा, बेचैनी भरा इंतजार खत्म हो जाएगा।”

–आईएएनएस

केके/डीएससी


Show More
Back to top button