केरल : सीपीआईएम नेता स्मिता सुंदरेशन भाजपा में शामिल, वर्कला से एनडीए की उम्मीदवार बनीं

तिरुवनंतपुरम, 22 मार्च (आईएएनएस)। केरल में राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सीपीआईएम की वर्कला क्षेत्र समिति सदस्य और ब्लॉक पंचायत सदस्य एडवोकेट स्मिता सुंदरेशन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होकर पार्टी को मजबूती दी है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और केरल प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक समारोह में स्मिता का पार्टी में औपचारिक स्वागत किया। भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद स्मिता सुंदरेशन को वर्कला विधानसभा सीट से एनडीए का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है।
वर्कला सीट पहले एनडीए की सहयोगी पार्टी भारत धर्म जन सेना (बीडीजेएस) को आवंटित थी। लेकिन स्मिता के भाजपा में शामिल होने और वर्कला क्षेत्र में उनके मजबूत प्रभाव को देखते हुए बीडीजेएस ने यह सीट भाजपा को सौंप दी। यह फैसला एनडीए गठबंधन में सामंजस्य और क्षेत्रीय शक्ति को ध्यान में रखकर लिया गया है।
स्मिता सुंदरेशन वर्कला ब्लॉक पंचायत की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं। वे सीपीआईएम के प्रमुख नेता कल्लामबलम सुंदरेशन की बेटी हैं। कल्लामबलम सुंदरेशन लंबे समय से सीपीआईएम के वर्कला क्षेत्र में प्रभावशाली नेता रहे हैं। स्मिता का भाजपा में जाना सीपीआईएम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वर्कला में उनके परिवार का गहरा जनाधार है। स्मिता ने कहा कि वे विकास, महिला सशक्तिकरण और केरल की समृद्धि के लिए भाजपा के साथ जुड़ी हैं। उन्होंने सीपीआईएम की नीतियों से असहमति जताते हुए कहा कि पार्टी अब विकास के मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने स्मिता के शामिल होने को ‘केरल में बदलाव की नई लहर’ बताया। उन्होंने कहा कि स्मिता जैसी मजबूत नेता के आने से वर्कला में एनडीए की स्थिति मजबूत होगी। प्रकाश जावड़ेकर ने भी स्मिता के साहस की सराहना की और कहा कि केरल में भाजपा का आधार लगातार बढ़ रहा है।
वर्कला विधानसभा सीट पर पिछले चुनावों में सीपीआईएम का मजबूत कब्जा रहा है, लेकिन स्मिता के शामिल होने से यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना बढ़ गई है। स्मिता के जनाधार और परिवार की राजनीतिक विरासत को देखते हुए यह सीट अब भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। एनडीए की रणनीति में वर्कला को जीतने का लक्ष्य प्रमुख है, क्योंकि यह दक्षिण केरल में भाजपा की पैठ बढ़ाने का मौका दे सकता है।
–आईएएनएस
एससीएच