कर्नाटक सरकार पेट्रोल-डीजल पर बार-बार टैक्स बढ़ाकर लोगों पर बोझ डाल रही : भाजपा


बैंगलुरु, 27 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने शुक्रवार को राज्य के उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार पर पलटवार किया। अशोक ने कांग्रेस नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह पेट्रोल-डीजल पर लगातार टैक्स बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के सवाल सही हैं, लेकिन सरकार की नीतियों ने ईंधन महंगा करने का काम किया है।

अशोक ने मीडिया से कहा कि यह हास्यास्पद है कि शिवकुमार ईंधन की बढ़ती कीमतों की बात कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार ने खुद पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाकर जनता के लिए ईंधन महंगा किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मई 2023 में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की कांग्रेस सरकार ने वित्तीय घाटे की भरपाई के लिए ईंधन को प्रमुख राजस्व स्रोत बना दिया। जून 2024 में राज्य सरकार ने बिक्री टैक्स बढ़ाकर पेट्रोल के दाम लगभग 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम लगभग 3.5 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए। इसके बाद अप्रैल 2025 में डीजल के दाम में और 2 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई।

अशोक ने सवाल किया कि यदि शिवकुमार केंद्र सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं, तो राज्य सरकार किसानों, परिवहनकर्ताओं और आम जनता को ऊंची ईंधन कीमतों के जरिए क्यों सजा दे रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस की यूपीए सरकार (2005–2010) ने तेल बॉन्ड जारी कर सब्सिडी खर्च को भविष्य की सरकारों पर टाल दिया, और वर्तमान एनडीए सरकार इसे चुका रही है। अशोक ने कहा कि यह बॉन्ड और ब्याज सहित 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।

अशोक ने केंद्र और राज्य की तुलना करते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ने अप्रैल 2025 में उत्पाद शुल्क समायोजित किया, तो इसका खुदरा उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके विपरीत, कर्नाटक सरकार द्वारा ईंधन कर बढ़ाने का बोझ सीधे जनता पर पड़ा।

उन्होंने कांग्रेस सरकार को चुनौती दी कि यदि उन्हें सच में जनता की चिंता है तो डीजल की कथित 5.5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी वापस ले। जनता इसे समझ सकती है और सरकार को केवल बयानबाजी की बजाय ठोस राहत प्रदान करनी चाहिए।

–आईएएनएस

एएमटी/एबीएम


Show More
Back to top button