काजोल बर्थडे स्पेशल: डीडीएलजे की सिमरन जैसी नहीं थी काजोल की असली लव स्टोरी, खुद बताई रिश्ते की कहानी

मुंबई, 4 अगस्त (आईएएनएस)। बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल का नाम आते ही सबसे पहले फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (डीडीएलजे) की सिमरन याद आती है, जो प्यार के लिए परिवार और समाज के बीच अपनी जगह बनाती है। पर्दे पर उनकी यह प्रेम कहानी जितनी खूबसूरत दिखी, असल जिंदगी में काजोल की लव स्टोरी उतनी ही अलग थी। खुद काजोल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी और अजय देवगन की कहानी कहीं से भी फिल्मी रोमांस जैसी नहीं थी, बल्कि दोस्ती और समझ के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ी। आज काजोल अपने अभिनय, बेबाक अंदाज और शानदार करियर के लिए जानी जाती हैं।
काजोल का जन्म 5 अगस्त 1974 को मुंबई में हुआ था। वह एक ऐसे परिवार से आती हैं, जिसका रिश्ता फिल्म इंडस्ट्री से रहा है। उनकी मां तनुजा हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री थीं, जबकि उनके पिता शोमू मुखर्जी फिल्म निर्माता थे। बचपन से ही उनके आसपास फिल्मों का माहौल था, लेकिन काजोल ने कभी नहीं सोचा था कि वह इतनी बड़ी अभिनेत्री बनेंगी।
काजोल ने साल 1992 में फिल्म ‘बेखुदी’ से बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि उनकी पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास सफल नहीं रही, लेकिन उनके अभिनय को नोटिस किया गया। इसके बाद साल 1993 में आई फिल्म ‘बाजीगर’ ने उनकी किस्मत बदल दी। शाहरुख खान के साथ इस फिल्म में उनकी जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया और काजोल रातोंरात स्टार बन गईं।
इसके बाद काजोल ने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया। साल 1995 में आई फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ ने उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। सिमरन के किरदार ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। इसके बाद ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘हलचल’, ‘फना’, ‘माय नेम इज खान’, ‘इश्क’, ‘करण अर्जुन’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’, ‘हम आपके दिल में रहते हैं’, ‘यू मी और हम’, ‘दिल क्या करे’, ‘हमेशा’ और ‘सलाम वेंकी’ समेत कई फिल्मों में काम किया।
काजोल और अजय देवगन की प्रेम कहानी भी काफी अलग रही। काजोल ने एक इंटरव्यू में बताया था, ”जब मैं अजय से पहली बार मिली, तब ऐसा कोई फिल्मी पल नहीं हुआ था कि हम दोनों को पहली नजर में प्यार हो गया हो। हमारी मुलाकात फिल्म ‘हलचल’ के सेट पर हुई थी, उस समय हम दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में किसी और को डेट कर रहे थे। शुरुआत में हमारा स्वभाव भी काफी अलग था। मैं बेहद बातूनी थी और अजय शांत रहने वाले इंसान थे।”
काजोल ने बताया, ”अजय से मेरी दोस्ती धीरे-धीरे बढ़ी और यही दोस्ती बाद में प्यार में बदल गई। मेरी जिंदगी फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ की सिमरन जैसी नहीं थी, जहां प्यार के लिए बड़े-बड़े फिल्मी मोड़ आते हैं। मेरा रिश्ता समय के साथ मजबूत हुआ और हम दोनों ने एक-दूसरे को समझते हुए शादी का फैसला किया।”
24 फरवरी 1999 को काजोल और अजय देवगन ने शादी कर ली। शादी के बाद काजोल ने परिवार के साथ अपने करियर को भी संभाला। वह दो बच्चों की मां हैं और अक्सर अपने परिवार के साथ समय बिताती नजर आती हैं।
काजोल को उनके शानदार अभिनय के लिए कई पुरस्कार मिले हैं। उन्हें छह फिल्म फेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। साल 2011 में भारत सरकार ने उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया। साल 1997 की फिल्म ‘गुप्त’ में उनके नकारात्मक किरदार को भी काफी सराहा गया और इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।
–आईएएनएस
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