केंद्रीय बजट विकसित भारत के लिए रोडमैप प्रस्तुत करता है: ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर, 2 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट जनता की आकांक्षाओं को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि बजट जमीनी स्तर पर विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाता है।
मध्य प्रदेश के गुना से भाजपा सांसद सिंधिया ने यह बयान अशोक नगर (ग्वालियर मंडल के अंतर्गत) के दौरे के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिया।
मंत्री ने केंद्रीय बजट को ‘विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट रोडमैप’ बताया।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप यह बजट देश की आर्थिक मजबूती, बुनियादी ढांचे के विस्तार और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए एक रोडमैप प्रस्तुत करता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने भारतीय अर्थव्यवस्था और बजट की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत की जीडीपी 2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर हो गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच मुद्रास्फीति दर मात्र 1.7 प्रतिशत रही, जो विश्व में सबसे कम है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत पर रखा गया है और लक्ष्य इसे अगले वर्ष 4.3 प्रतिशत तक लाना है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि अवसंरचना निवेश 2014 में 2 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष रूप से बजट आवंटन के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट आवंटन में 50 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिसमें 6,800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, और दूरसंचार क्षेत्र के लिए 72,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने बजट में कपड़ा, अवसंरचना, कृषि, सेवाएं और शिक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं, लेकिन साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कंटेंट क्रिएटर्स, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को भी भरपूर प्रोत्साहन दिया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया, जिसमें विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों, वैश्विक डेटा केंद्रों के लिए कर छूट और कृषि और पर्यटन क्षेत्रों के लिए प्रोत्साहनों की घोषणा की गई। उन्होंने 53.5 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया, जिसे बढ़ते वैश्विक जोखिमों के बीच विकास को बनाए रखने के लिए एक दीर्घकालिक योजना के रूप में देखा जा रहा है।
–आईएएनएस
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