चिली के नए राष्ट्रपति बन सकते हैं जोस एंटोनियो कास्ट, अपराध पर लगाम बना चुनाव में अहम मुद्दा

नई दिल्ली, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। जोस एंटोनियो कास्ट चिली के नए राष्ट्रपति बन सकते हैं। एंटोनियो कास्ट की खास बात यह है कि वह 35 साल से दक्षिणपंथी उम्मीदवार रहे हैं। ऐसे में एंटोनियो और एक बड़े वामपंथी गठबंधन के प्रमुख के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। चिली में लगभग 16 मिलियन नागरिक रनऑफ वोट में जोस एंटोनियो कास्ट और उनके प्रतिद्वंदी जेनेट जारा के बीच इस मुकाबले में अपना वोट डाल रहे हैं। 35 सालों से उम्मीदवार रहे कास्ट नौ बच्चों के पिता हैं।
स्थानीय समयानुसार वोटिंग शाम 6 बजे बंद हो जाएगी और इसके तुरंत बाद शुरुआती नतीजे आने की उम्मीद है। वोटिंग के दौरान कास्ट सबसे मजबूत उम्मीदवार के तौर पर देखे जा रहे हैं। अपराध को लेकर उनके सख्त तेवर लोगों को पसंद आ रहे हैं। इसके साथ ही लोगों में लोकप्रियता की वजह उनकी गैरकानूनी तरीके से आए प्रवासियों को लेकर उनकी सोच भी है।
एंटोनियो 59 साल के हैं और उन्होंने अपने चुनावी अभियान के दौरान दावा किया, “देश टूट रहा है।” कभी सबसे सुरक्षित और सबसे खुशहाल देशों में से एक, चिली को हाल के सालों में कोविड-19 महामारी, हिंसक सामाजिक विरोध और विदेशी संगठित अपराध की बाढ़ से बहुत नुकसान हुआ है।
वामपंथी शासन के दौरान बढ़ते अपराध के मामलों से लोग काफी परेशान हो चुके थे। लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि कुछ होगा, लेकिन फिर भी बदलाव के लिए वोट करेंगे। बता दें, कास्ट ने लाखों गैर-कानूनी प्रवासियों को डिपोर्ट करने का वादा किया है। इसके अलावा उन्होंने बिना किसी छूट के अबॉर्शन का विरोध किया।
कास्ट ने कहा, “जरूरी बात यह है कि लोग बिना किसी डर के अपने घरों से निकल सकें और रात में बिना इस चिंता के लौट सकें कि सड़क के कोनों पर उनके साथ कुछ हो जाएगा। अभी हम जिस बुरे हालात में हैं, उसे देखते हुए, अगर हमें बाद में एक शांतिपूर्ण देश बनाने के लिए शुरुआत में कुछ बहुत कड़े कदम उठाने पड़ें, तो हां, मैं ऐसा करने को तैयार हूं।”
सर्वे के अनुसार 60 फीसदी से ज्यादा चिली के लोगों को लगता है कि देश के सामने सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है, जो आर्थिक, स्वास्थ्य या शिक्षा से कहीं ज्यादा अहम है। आंकड़े दिखाते हैं कि पिछले दस सालों में हिंसक अपराध बढ़ा है, और इसको लेकर लोगों में डर और भी तेजी से बढ़ा है। अपराधों को वेनेजुएला, पेरू, कोलंबिया और इक्वाडोर के गैंग बढ़ावा देते हैं।
–आईएएनएस
केके/एएस