2026 में भारत में बढ़ेंगी नौकरियां, बड़ी टेक कंपनियां ज्यादा भर्ती की बना रही योजना : रिपोर्ट


नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के करीब 52 प्रतिशत तकनीकी और बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों ने कहा है कि उनकी कंपनियां साल 2026 में भारत में ज्यादा लोगों की भर्ती करने की योजना बना रही हैं।

बुधवार को जारी पेशेवरों के लिए बने एक सामुदायिक ऐप ‘ब्लाइंड’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि 34 प्रतिशत लोगों को भारत में भर्ती में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है, जबकि 18 प्रतिशत लोगों का मानना है कि भर्ती में मध्यम स्तर की बढ़ोतरी होगी।

इस सर्वे में अमेरिका और भारत के 2,392 सत्यापित पेशेवरों ने हिस्सा लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे यह संकेत मिलता है कि गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, उबर और ईबे जैसी बड़ी ग्लोबल टेक कंपनियां अब भारत को ज्यादा काम सौंप रही हैं।

जब लोगों से पूछा गया कि भारत में भर्ती बढ़ने से अमेरिका की नौकरियों पर क्या असर पड़ेगा, तो 38 प्रतिशत लोगों ने कहा कि यह अमेरिका स्थित कुछ पदों की जगह ले रही है, जबकि 23 प्रतिशत लोगों ने कहा कि यह अमेरिकी भर्तियों की पूरक है।

रिपोर्ट में बताया गया कि 28 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अमेरिका के एच-1बी वीजा नियमों में सख्ती के कारण कंपनियां भारत में ज्यादा लोगों को नौकरी दे रही हैं, जबकि 25 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इन नियमों से कोई खास फर्क नहीं पड़ा है।

वहीं, करीब 4 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वीजा नियमों के कारण अमेरिका स्थित कंपनियों में ही भर्ती बढ़ी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब अमेरिका के लिए एक मजबूत विकल्प बनता जा रहा है। कई कंपनियां अब अमेरिका में विस्तार करने के बजाए भारत में अपनी टीम बढ़ा रही हैं। इससे वैश्विक स्तर पर कर्मचारियों की योजना में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

ईबे, वेफेयर, लिंक्डइन, क्वालकॉम, कैपिटल वन, गूगल, अमेजन, सेल्सफोर्स, एसएपी और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के 93 प्रतिशत तक कर्मचारियों ने बताया कि उनकी कंपनियां भारत में भर्ती बढ़ाने की योजना बना रही हैं।

भारत में विस्तार के तरीकों पर बात करें तो 25 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनकी कंपनियां पहले से मौजूद भारतीय टीम को बड़ा कर रही हैं। वहीं, करीब 20 प्रतिशत लोगों ने बताया कि भारत में नए पदों पर भर्तियां की जा रही हैं, जबकि 20 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कुछ खास काम और परियोजनाएं भारत में स्थानांतरित की जा रही हैं।

–आईएएनएस

डीबीपी/एएस


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