एमएसएमई रोजगार सृजन का सबसे शक्तिशाली मंच: जीतन राम मांझी


नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि एमएसएमई रोजगार पैदा करने का सबसे मजबूत मंच हैं और अगर भारत को समृद्ध बनाना है, तो एमएसएमई से ज्यादा प्रभावी कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

मंत्री ने कहा कि एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देते हैं।

उन्होंने कहा, “एमएसएमई समृद्धि को मजबूत करते हैं और कृषि के बाद यह क्षेत्र आर्थिक विकास में सबसे ज्यादा योगदान देता है। इनकी भूमिका बेहद अहम और निर्णायक है।” वह गणतंत्र दिवस परेड 2026 देखने के लिए आमंत्रित किए गए एमएसएमई लाभार्थियों से बातचीत कर रहे थे।

इस अवसर पर पीएम विश्वकर्मा योजना के 100 लाभार्थी, खादी विकास योजना के तहत प्रशिक्षित 199 कारीगर, एसआरआई फंड के 50 लाभार्थी और महिला कॉयर योजना की 50 सर्वश्रेष्ठ महिला कारीगरों को उनके जीवनसाथियों के साथ रक्षा मंत्रालय द्वारा विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।

एमएसएमई राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा, “आज आप सभी को देखकर मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं एक ‘मिनी इंडिया’ को देख रही हूं।”

उन्होंने कहा, “आप सभी अलग-अलग क्षेत्रों से आए हैं, लेकिन हम सब एक हैं। मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद करती हूं, जिनके नेतृत्व में आपको यह मौका मिला है। सरकार की कई योजनाएं बनाई जा रही हैं ताकि आप सभी को इसका लाभ मिल सके। प्रशिक्षण और कौशल विकास के जरिए आपको आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।”

एमएसएमई मंत्रालय के सचिव एस. सी. एल. दास ने कहा कि आप सभी की मेहनत से ही देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम विविधता में एकता का उदाहरण हैं और एमएसएमई मंत्रालय आपसे लगातार जुड़ा रहेगा, ताकि और लोग भी आगे बढ़ सकें। हम आप सभी को दिल से बधाई देते हैं।

पीएम विश्वकर्मा योजना एक व्यापक योजना है, जिसका उद्देश्य 18 पारंपरिक कामों से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को हर तरह की मदद देना है।

वहीं, सेल्फ रिलायंट इंडिया (एसआरआई) फंड एमएसएमई को मजबूत बनाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की एक प्रमुख सरकारी पहल है।

–आईएएनएस

डीबीपी/एएस


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