झारखंड: दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में सीएम हेमंत की अगुवाई में शिरकत करेगा झारखंड

रांची, 6 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड पहली बार वैश्विक आर्थिक मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल इसी महीने के तीसरे हफ्ते में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेगा।
इसके बाद सरकार का यही प्रतिनिधिमंडल यूनाइटेड किंगडम के लंदन और ऑक्सफोर्ड का भी दौरा करेगा। यह प्रतिनिधिमंडल आगामी 18 जनवरी को झारखंड से रवाना होगा और इसकी वापसी 26 जनवरी को होगी।
झारखंड सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, दावोस में झारखंड “प्रकृति के साथ सामंजस्य और विकास” की सोच के साथ खुद को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। राज्य सरकार का फोकस इस बात पर रहेगा कि आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समावेशन के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल इंडिया पवेलियन सहित विभिन्न सत्रों और बैठकों में भाग लेंगे, जहां निवेश, खनिज संसाधन, औद्योगिक ढांचा, ऊर्जा संक्रमण, पर्यटन और सतत विकास जैसे मुद्दों पर संवाद होगा। दावोस यात्रा से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कांके रोड स्थित अपने आवासीय कार्यालय में अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि झारखंड की निवेश संभावनाओं, औद्योगिक नीति और संसाधन-आधारित विकास मॉडल को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और उद्योगपतियों के सामने रखने की तैयारी अंतिम चरण में है। दावोस कार्यक्रम के बाद प्रतिनिधिमंडल यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर जाएगा। लंदन और ऑक्सफोर्ड में प्रस्तावित कार्यक्रमों के तहत निवेश, नीति सहयोग, शैक्षणिक संस्थानों से संवाद और प्रवासी भारतीय समुदाय से बातचीत की योजना है।
इस क्रम में मुख्यमंत्री ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ब्लावाटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में एक विशेष व्याख्यान और संवाद सत्र को संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वे देश के पहले मुख्यमंत्री होंगे। राज्य सरकार का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय दौरा झारखंड के लिए निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक गतिविधियों को गति देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की प्राथमिकताओं और संभावनाओं को वैश्विक मंच पर स्पष्ट और प्रभावी ढंग से रखा जाए।
–आईएएनएस
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