मिडिल ईस्ट तनाव के बीच अंतर्राष्ट्रीय यात्रा प्रभावित, विदेशी नागरिकों को वीजा और यात्रा में बड़ी राहत


नई द‍िल्‍ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और इसके परिणामस्वरूप बढ़ते सैन्य तनाव के कारण नागरिकों की आवाजाही असुरक्षित और अनिश्चित हो गई है। इन असाधारण परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए विदेशी नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय यात्रा में व्यापक व्यवधान के चलते लिस्बन में भारतीय दूतावास ने बताया क‍ि जारी द‍िशा-न‍िर्देश में वीजा विस्तार, जुर्माने में छूट, निकास अनुमति, नियमों के पालन में छूट और अस्थायी लैंडिंग अनुमति जैसी राहतें शामिल हैं, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित और निर्बाध तरीके से भारत में रहने और यात्रा करने की सुविधा मिल सके।

निर्देश के अनुसार, सभी श्रेणियों के वीजा, जिनमें ई-वीजा भी शामिल हैं और जिनकी वैधता जल्द ही समाप्त होने वाली है, उन्हें एक महीने की अवधि के लिए बिना किसी शुल्क के बढ़ाया जा सकता है। बशर्ते संबंधित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की ओर से प्रत्येक मामले की अलग से मंजूरी दी जाए।

इसके अलावा अधिक समय तक रुकने पर लगने वाले जुर्माने में छूट को भी शाम‍िल क‍िया गया है। प्रभावित विदेशी नागरिक जो 28 फरवरी 2026 के बाद भारत में निर्धारित समय से अधिक रुके हुए हैं, उन पर लगने वाले जुर्माने को माफ कर दिया जाएगा।

इसके अलावा, प्रभावित विदेशी नागरिकों को बिना किसी शुल्क के निकास अनुमति जारी की जाएगी। साथ ही इन असाधारण परिस्थितियों में निकास अनुमति या वीजा विस्तार प्राप्त न कर पाने को आव्रजन (इम‍िग्रेशन) नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।

न‍िर्देशों में अस्थायी लैंडिंग अनुमति (टीएलपी) को भी शाम‍िल क‍िया गया है। इस दौरान उड़ानों का मार्ग बदलने के कारण भारत पहुंचने वाले विदेशी नागरिकों को बिना किसी शुल्क के अस्थायी लैंडिंग अनुमति प्रदान की जाएगी।

दूतावास ने सभी प्रभावित व्यक्तियों को सलाह दी है कि वे सहायता के लिए भारत में अपने निकटतम एफआरआरओ या संबंधित आव्रजन अधिकारियों से संपर्क करें।

खाड़ी में अभी भी तनाव की स्‍थित‍ि बनी हुई है। दोनों ओर से हमले जारी हैं। हालांक‍ि शुक्रवार को ट्रंप ने दावा कि‍या क‍ि उन्होंने ईरान के अनुरोध पर आगे बढ़ने वाली कार्रवाई को रोकने का निर्णय लिया।

ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो नए हमले होंगे। अगर उन्होंने वह नहीं किया जो करना था, तो मैं उनके पावर प्लांट्स को नष्ट कर दूंगा। उन्‍होंने ने तर्क दिया कि अमेरिकी हस्तक्षेप केवल राष्ट्रीय सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया को एक बड़ा लाभ पहुंचा रहे हैं।

–आईएएनएस

एवाई/डीएससी


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