14 फरवरी से इंडियन सुपर लीग की शुरुआत, 14 टीमों के बीच खेले जाएंगे 91 मैच


नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2026 की शुरुआत 14 फरवरी से होने जा रही है। इस सीजन 14 टीमों के बीच 91 मैच खेले जाने हैं। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को इसकी घोषणा की है।

वाणिज्यिक साझेदारों की कमी के कारण यह लीग अब तक शुरू नहीं हो सकी थी, जिस कारण काफी विवाद भी रहा था, लेकिन अब फैंस को बड़ी राहत मिली है।

मीडिया से बात करते हुए मांडविया ने कहा कि सरकार ने खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए देशभर के फुटबॉल क्लबों के साथ कई बैठकें की हैं। केंद्रीय खेल मंत्री ने बताया कि इंडियन सुपर लीग (आईएसए) की शुरुआत 14 फरवरी से होगी, जिसमें देशभर के क्लब हिस्सा लेंगे।

इस सीजन 14 टीमें हिस्सा लेने जा रही हैं, जिनमें एटीके मोहन बागान एफसी, ईस्ट बंगाल एफसी, मोहम्मडन, इंटर काशी, मुंबई सिटी, चेन्नईयिन, दिल्ली, बेंगलुरु, गोवा, केरल ब्लास्टर्स, पंजाब, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड, जमशेदपुर और ओडिशा की टीमें शामिल हैं।

मनसुख मांडविया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “सभी 14 क्लब के प्रतिनिधियों के साथ हमारी विस्तार से मीटिंग हुई है। हमने मिलकर निर्णय लिया है कि आईएसएल की शुरुआत 14 फरवरी से होगी। यह देश के सभी फुटबॉल खिलाड़ियों, फुटबॉल प्रेमियों और इस खेल से जुड़े सभी लोगों के लिए खुशखबरी है। हम चाहते हैं कि देश में फुटबॉल आगे बढ़े और इस खेल में भारत अच्छा प्रदर्शन करे। इस लीग के जरिए हमें अच्छे खिलाड़ी मिलें। इस उद्देश्य के साथ आईएसएल का आयोजन होगा। सभी क्लब उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लेंगे।”

केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा, “यह लीग कई शहरों में ‘पूरे जोश’ के साथ आयोजित की जाएगी, जिसमें 91 मैच होंगे। सुचारू कामकाज और वाणिज्यिक फैसले लेने के लिए एक गवर्निंग काउंसिल बोर्ड बनाया जाएगा। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) का लीग में 25 प्रतिशत योगदान होगा, जो भारत में खेल को बढ़ावा देने के लिए सरकार और फुटबॉल अधिकारियों के बीच मिलकर किए जा रहे प्रयासों को दिखाता है।”

दूसरी ओर, आई लीग में 11 टीमों के बीच 55 मैच खेले जाएंगे। इस लीग की शुरुआत आईएसएल के साथ होगी, जिसमें 40 टीमें हिस्सा लेंगी।

केंद्रीय खेल मंत्री के अनुसार, देश में खेल संस्कृति में काफी वृद्धि हो रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जमीनी स्तर और प्रोफेशनल स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की दूरदर्शिता के मुताबिक है।

–आईएएनएस

आरएसजी


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