टी20 वर्ल्ड कप: महज 19 साल की उम्र में भारतीय मूल के खिलाड़ी ने शतक जड़कर रचा इतिहास

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय मूल के युवराज सामरा टी20 वर्ल्ड कप में शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। कनाडा की ओर से खेलते हुए युवराज ने यह कारनामा महज 19 साल और 141 दिन की उम्र में किया।
युवराज ने इस मुकाबले में 65 गेंदें खेलीं, जिसमें 6 छक्के और 11 चौकों के साथ 110 रन बनाए। टी20 वर्ल्ड कप में सेंचुरी लगाने वाले खिलाड़ियों के मामले में उन्होंने पाकिस्तान के अहमद शहजाद को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने साल 2014 में बांग्लादेश के विरुद्ध 22 साल और 127 दिन की उम्र में शतक लगाया था। सुरेश रैना इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने साल 2010 में साउथ अफ्रीका के विरुद्ध महज 23 साल और 156 दिन की उम्र में शतक लगाया था। एलेक्स हेल्स (25 साल और 83 दिन) और ग्लेन फिलिप्स (25 साल और 327 दिन) इस लिस्ट में क्रमश: चौथे और पांचवें पायचदान पर हैं।
इस पारी के साथ युवराज टी20 वर्ल्ड कप में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा भी बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने बांग्लादेश के जुनैद सिद्दीकी को (19 साल और 325 दिन) को पीछे छोड़ दिया है। पाकिस्तान के उमर अकमल लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने साल 2010 में साउथ अफ्रीका के विरुद्ध 19 साल और 349 दिन की उम्र में शतक लगाया था। रोहित शर्मा 20 साल और 143 दिन की उम्र में साउथ अफ्रीका के खिलाफ यह कारनामा कर चुके थे।
यह टी20 वर्ल्ड कप में एसोसिएट टीम की ओर से सबसे बड़ी निजी पारी भी है। इस मामले में युवराज ने यूएसए के एरॉन जोन्स को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने कनाडा के विरुद्ध साल 2024 में नाबाद 94 रन बनाए थे। इस लिस्ट में स्कॉटलैंड के माइकल जोन्स तीसरे पायदान पर हैं, जिन्होंने साल 2022 में आयरलैंड के विरुद्ध 86 रन की पारी खेली थी। साल 2026 में स्कॉटलैंड की तरफ से खेलते हुए जॉर्ज मुन्से ने इटली के साथ 84 रन की पारी खेली थी।
एमए चिदंबरम स्टेडियम में कनाडा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट खोकर 173 रन बनाए। इसके जवाब में न्यूजीलैंड ने 15.1 ओवरों में 8 विकेट शेष रहते जीत दर्ज कर ली।
युवराज सामरा के परिवार की जड़े पंजाब से जुड़ी हैं। उनके पिता बलजीत सिंह पंजाब से कनाडा चले गए थे। 29 सितंबर 2006 को ओंटारियो प्रांत के ब्रैम्पटन में युवराज का जन्म हुआ। बलजीत भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के फैन थे। यही वजह रही कि उन्होंने अपने बेटे का नाम युवराज पर ही रखा। खुद युवराज सामरा अपना आदर्श युवराज सिंह को मानते हैं।
–आईएएनएस
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