ईरान के कुवैत स्थित प्लांट पर हमले में भारतीय की मौत, संघर्ष में अब तक 8 भारतीयों की जान गई

कुवैत सिटी, 30 मार्च (आईएएनएस)। कुवैत सरकार ने घोषणा की कि सोमवार तड़के ईरान द्वारा किए गए हमले में कुवैत के एक बिजली और जल विलवणीकरण (डिसेलिनेशन) संयंत्र पर काम कर रहे एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई। इस घटना के साथ ही पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में मारे गए भारतीय नागरिकों की संख्या बढ़कर कम से कम आठ हो गई है।
कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय ने सोशल साइट एक्स पर पुष्टि की कि ईरान के हमले में संयंत्र की एक सेवा इमारत को भी नुकसान पहुंचा और इसे खाड़ी राष्ट्र के खिलाफ “ईरानी आक्रमण” के रूप में कड़ा निंदा की।
मंत्रालय ने अरबी में कहा- “इस हमले में एक कर्मचारी (भारतीय नागरिक) की मृत्यु हुई और भवन को गंभीर क्षति पहुंची।”
अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन और तकनीकी प्रतिक्रिया टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। साथ ही, नुकसान को कम किया जा सके और संयंत्र के संचालन में बड़े व्यवधान से बचा जा सके।
मंत्रालय ने जोर दिया कि “बिजली और जल अवसंरचना की सुरक्षा और स्थिरता सर्वोच्च प्राथमिकता हैं” और तकनीकी टीमें किसी भी आगे के जोखिम की आशंका के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं ताकि आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
यह घटना संयुक्त अरब अमीरात में हाल ही में हुई एक दुखद घटना के कुछ दिन बाद आई है, जिसमें पिछले गुरुवार को अबू धाबी में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी, जब एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया गया और मलबे की वजह से वह घायल हो गया था।
तत्कालीन समय में भारतीय दूतावास ने कहा था कि वह “यूएई अधिकारियों के साथ निकटता से काम कर रहा है ताकि प्रभावित लोगों को सभी संभव समर्थन और सहायता प्रदान की जा सके।”
शुक्रवार को हुई एक अंतर-मंत्रालयीय समीक्षा बैठक के बाद सरकार ने कहा था कि अब तक मध्य पूर्व संघर्ष में सात भारतीय नागरिक मारे गए हैं और एक व्यक्ति लापता है। सोमवार की घटना के बाद मृतकों की संख्या बढ़ गई है।
यह संघर्ष अब अपने पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और यह तब शुरू हुआ जब संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर समन्वित हमले किए, जिससे क्षेत्र में व्यापक तनाव बढ़ गया।
इसके बाद, ईरानी बलों ने इज़रायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य स्थलों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे क्षेत्र में जनहानि हुई और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा।
–आईएएनएस
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