भारतीय वायुसेना ने श्रीलंका भेजे दो एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर, राहत व बचाव कार्यों में करेंगे मदद


नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। श्रीलंका में तूफान दितवाह से भारी तबाही मची है। इसे देखते हुए, भारत की तरफ से ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को लगातार मदद भेजी जा रही है। इस बीच भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के दो एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर शनिवार की शाम को श्रीलंका में चल रहे खोज और बचाव (एसएआर) प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए उतरे।

कोलंबो में भारतीय उच्चायोग के आधिकारिक हैंडल पर बताया गया कि भारतीय वायुसेना के दो एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर श्रीलंका में चल रहे खोज और बचाव (एसएआर) प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए उतरे।

वे श्रीलंका में राहत कार्यों में सहायता के लिए आवश्यक मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) आपूर्तियां और कार्मिक लेकर आए। ये हेलीकॉप्टर खोज और बचाव अभियानों में श्रीलंका अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे।

इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जानकारी दी है कि भारत ने हवाई और समुद्र मार्ग के जरिए फिर से 27 टन की मदद भेजी है। वहीं राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की गई हैं।

नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स ने शनिवार को तूफान दितवाह के बाद राहत और बचाव के कामों में मदद के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका में दो खास रेस्क्यू टीमें भेजीं। 80 ट्रेंड रेस्क्यूअर और चार कुत्तों वाली ये टीमें सुबह 4:06 बजे हिंडन एयरबेस से इंडियन एयर फोर्स के आईएल-76 एयरक्राफ्ट से रवाना हुईं।

इस टुकड़ी को 8वीं बटालियन के कमांडेंट पी.के. तिवारी लीड कर रहे हैं। इससे पहले भारतीय वायुसेना का एक सी-130जे विमान भी कोलंबो में उतरा। इसमें लगभग 12 टन मानवीय मदद भेजी गई, जिसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और खाना शामिल थे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लिखा, “एक और आईएल-76 एयरक्राफ्ट कोलंबो में लैंड हुआ। इसके तहत 9 टन राहत सामग्री भेजी गई और 2 अर्बन सर्च एंड रेस्क्यू टीमें, जिनमें 80 नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के लोग शामिल हैं। हवा और समुद्र के रास्ते कुल मिलाकर लगभग 27 टन राहत सामग्री पहुंचाई गई। और भी आ रही है।”

इस संबंध में एनडीआरएफ मुख्यालय ने एक आधिकारिक बयान भी जारी किया है। बयान के अनुसार, एनडीआरएफ की टीमें श्रीलंका के तूफान से प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर लोगों को बचाने के लिए हवा वाली रेस्क्यू बोट, हाइड्रोलिक कटिंग और ब्रीचिंग टूल्स, एडवांस्ड कम्युनिकेशन सिस्टम, मेडिकल फर्स्ट-एड किट और दूसरी जरूरी मानवीय सप्लाई का इस्तेमाल कर रही हैं।

–आईएएनएस

एमएस/डीकेपी


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