भारत-अमेरिका व्यापार समझौता ओडिशा की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा: मोहन चरण मांझी

भुवनेश्वर, 5 फरवरी (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने गुरुवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे हैंडलूम प्रोडक्ट्स, सी फूड्स और रेयर अर्थ मिनरल्स के निर्यात में वृद्धि होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
हैंडलूम सेक्टर में ओडिशा की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री मांझी ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर कहा, “चाहे ओडिशा का हैंडलूम हो या आधुनिक रेडीमेड वस्त्र, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के कारण ओडिशा की कारीगरी अब विश्व के बाजारों तक पहुंचेगी। कम शुल्क के साथ निर्यात आसान हो जाएगा, जिससे हमारे बुनकरों और हथकरघा कारीगरों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। ओडिशा के पारंपरिक परिधान अब वैश्विक स्तर पर एक नया चलन स्थापित करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी साझेदारी से ओडिशा को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ओडिशा में पाए जाने वाले रेयर अर्थ मिनर्ल्स की बढ़ती वैश्विक मांग के साथ, राज्य उन्नत तकनीकी कौशल का केंद्र बन जाएगा। यह समझौता ओडिशा के खनिज संसाधनों को ‘वैश्विक प्रौद्योगिकी’ से जोड़ेगा।”
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और टैरिफ में कमी से भारत से सी फूड के लिए अमेरिकी बाजार खुल जाएगा, जिससे राज्य के तटीय क्षेत्रों के मछुआरों और किसानों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और भारत के बीच आर्थिक साझेदारी के बाद ओडिशा ‘ब्लू इकोनॉमी’ का एक प्रमुख केंद्र बन जाएगा।
मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि भारत-अमेरिका के नए व्यापार समझौते से ओडिशा की समुद्री खाद्य अर्थव्यवस्था को एक नई पहचान मिलेगी। टैरिफ में कटौती के कारण अमेरिकी बाजार में ओडिशा के झींगे, मछली और अन्य समुद्री खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ेगी। इससे तटीय क्षेत्रों के मछुआरों और किसानों की आय में वृद्धि होगी और ओडिशा ‘ब्लू इकोनॉमी’ का एक प्रमुख केंद्र बन जाएगा।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि ऐतिहासिक भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
–आईएएनएस
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