कश्मीर और सिंधु जल संधि दुष्प्रचार पर भारत की दो टूक, अंतरराष्ट्रीय मंचों का गलत इस्तेमाल बंद करे पाकिस्तान

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। भारत ने गुरुवार को मनीला में आयोजित ‘आसियान’ के 33वीं रीजनल फोरम बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार की ओर से कश्मीर और सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को लेकर दिए गए बयानों को ‘बेबुनियाद और अनुचित’ बताया।
भारत ने कहा कि ये पाकिस्तान की ओर से अपने अंदरूनी संकट से ध्यान भटकाने और आतंकवादी संगठनों को पनाह देने में अपनी भूमिका छिपाने की एक और नाकाम कोशिश है।
नई दिल्ली ने कहा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर एक अंतरराष्ट्रीय मंच का गलत इस्तेमाल करते हुए झूठी बातें फैलाने और अपने पक्ष में गलत जानकारी पेश करने की कोशिश की है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने डार के बयानों पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, “भारत पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की ओर से दिए गए बेबुनियाद और अनुचित बयानों को पूरी तरह खारिज करता है। यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि पाकिस्तान ने एक बार फिर बहुपक्षीय मंच का गलत इस्तेमाल किया है, ताकि झूठ फैलाया जा सके, सरकारी स्तर पर गलत जानकारी फैलाई जा सके और सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के अपने लंबे रिकॉर्ड से ध्यान हटाया जा सके।”
भारत ने फिर साफ किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश ‘हमेशा से भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा रहे हैं, हैं और रहेंगे।’ भारत ने कहा कि इस मुद्दे पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है।
सिंधु जल संधि को लेकर भारत ने कहा कि उसका रुख पहले जैसा ही है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से लगातार सीमा पार आतंकवाद को समर्थन दिए जाने, जिसमें पहलगाम में हुआ भयानक हमला भी शामिल है, के जवाब में सिंधु जल संधि को फिलहाल रोक दिया गया है।
भारत ने कहा कि यह संधि तब तक रुकी रहेगी, जब तक पाकिस्तान भरोसेमंद और स्थायी तरीके से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता।
भारत ने कहा कि पड़ोसी देशों पर आरोप लगाने और अंतरराष्ट्रीय मंचों का गलत इस्तेमाल करने के बजाय पाकिस्तान को अपने देश में मौजूद आतंकवादी ढांचे को खत्म करने और अपने अंदरूनी हालात सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
प्रवक्ता जायसवाल ने कहा कि भारत पाकिस्तान की ओर से लगातार फैलाई जा रही सरकारी स्तर की गलत सूचनाओं की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अक्सर धार्मिक शब्दों का इस्तेमाल करके, जैसे ‘फितना अल-हिंदुस्तान’, अपनी बात को सही साबित करने की कोशिश करता है।
भारत ने इसे पाकिस्तान सरकार की ओर से अपने अंदरूनी संकट और वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क को पनाह देने में अपनी भूमिका से ध्यान हटाने की एक बेकार कोशिश बताया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मनीला में पिछले दो दिनों के दौरान आसियान-भारत बैठक, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और आसियान रीजनल फोरम जैसी विदेश मंत्री स्तर की बैठकों में हिस्सा लिया।
–आईएएनएस
एवाई/डीकेपी