यूनिकॉर्न बनाने में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर, संयुक्त संपत्ति 220 बिलियन डॉलर से अधिक


नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने 2024 में टॉप ग्लोबल टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम की तुलना में छह यूनिकॉर्न जोड़कर दूसरे नंबर पर अपनी जगह बनाई है, जिससे मौजूदा भारतीय यूनिकॉर्न का संयुक्त मूल्यांकन 220 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। गुरुवार को जारी एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

नैसकॉम द्वारा जिनोव के सहयोग से बनाई गई एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में कुल फंडिंग में यूनिकॉर्न की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत थी, जिसे यहां ‘स्टार्टअप महाकुंभ’ कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया था।

2024 में, भारतीय टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम ने फंडिंग में 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जिसमें कुल टेक फंडिंग बढ़कर 7.4 बिलियन डॉलर हो गई।

2023 की तुलना में सौदों की संख्या में भी 27 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष के दौरान न्यूली फाउंडेड टेक स्टार्टअप में 2.1 गुना वृद्धि दर्ज की गई, जिससे भारतीय तकनीकी स्टार्टअप की कुल संख्या अनुमानित 32,000-35,000 हो गई।

नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने कहा, “परिपक्व और उभरते क्षेत्रों में वृद्धि, विशेष रूप से डीपटेक और एआई में, भारतीय तकनीकी स्टार्टअप इकोसिस्टम की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाती है, जो ‘अवसरों के एक केंद्र’ से विकसित होकर भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाली एक रणनीतिक शक्ति बन गई है।

उन्होंने आगे कहा, “डीपटेक स्टार्टअप भारत के इनोवेशन लैंडस्कैप को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारा ध्यान अब इस वृद्धि के आधारभूत स्तंभों को मजबूत करने पर होना चाहिए, जिसमें पूंजी तक पहुंच बढ़ाने से लेकर मजबूत इनोवेशन इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना शामिल होना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि हमारे स्टार्टअप विशिष्ट भारतीय चुनौतियों का समाधान करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।”

स्टेज के अनुसार फंडिंग के मामले में, सीड-स्टेज ने 29 प्रतिशत (कुल फंडिंग शेयर के मामले में) की उच्चतम वृद्धि प्रदर्शित की, इसके बाद 2023 की तुलना में 2024 में 25 प्रतिशत के साथ अर्ली-स्टेड और 21 प्रतिशत के साथ लेट-स्टेज का स्थान रहा।

2024 में लगभग 67 प्रतिशत टेक स्टार्टअप फंडिंग ‘परिपक्व’ क्षेत्रों पर केंद्रित थी, जिनकी विशेषता उच्च समग्र फंडिंग मूल्य और डील शेयर है।

2024 में डीपटेक फंडिंग 78 प्रतिशत बढ़कर 1.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई।

जिनोव की सीईओ परी नटराजन ने कहा, “भारत के विकास के केंद्र में, स्टार्टअप इनोवेशन और आर्थिक परिवर्तन को बढ़ावा दे रहे हैं। भारत न केवल कटिंग-एज टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता है, बल्कि यह इनोवेशन का क्रिएटर, लीडर और आर्टिटेक्ट भी है।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग तीन-चौथाई भारतीय टेक स्टार्टअप 2025 के लिए फंडिंग आउटलुक को लेकर आशावादी बने हुए हैं, जबकि लगभग 98 प्रतिशत उत्तरदाताओं को 2025 में राजस्व में आशाजनक वृद्धि की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एसकेटी/जीकेटी


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