रक्षा सहयोग की दीर्घकालिक नीति बनाएंगे भारत और बांग्लादेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के बीच शनिवार को हुई द्विपक्षीय बैठक इस लिहाज से भी ऐतिहासिक रही है कि दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग के दीर्घकालिक एजेंडे को अंतिम रूप दे दिया।

बैठक के बाद भारत और बांग्लादेश की तरफ से भविष्य के लिए साझा दृष्टिकोण नाम से एक प्रपत्र जारी किया गया। इसमें जहां भारत ने बांग्लादेश की कई मांगों को स्वीकार किया है, वहीं बांग्लादेश ने भी अपने इस पड़ोसी देश के हितों को ध्यान में रखने का वादा किया है। दोनों देशों ने दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए रक्षा सहयोग की नीति बनाने की बात कही है।

रक्षा सहयोग की रफ्तार अभी बहुत ही धीमी

भारत व बांग्लादेश के बीच सैन्य व रक्षा सहयोग की रफ्तार अभी बहुत ही धीमी है। अब भारत के सहयोग से बांग्लादेश की सेना अत्याधुनिक बनेगी, बांग्लादेश की जरूरत के हिसाब से रक्षा उपकरणों का उत्पादन होगा व समग्र रक्षा क्षमता बढ़ाई जाएगी। भारत ने इस तरह का रक्षा सहयोग और किसी भी पड़ोसी देश के साथ नहीं किया है।

भारत ने बांग्लादेश की एक पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए उसे भूटान व नेपाल के साथ भारतीय रेलवे के जरिये कारोबार करने की इजाजत दे दी है। इससे बांग्लादेश को निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। जल्द ही दोनों देशों के बीच एक विशेष कारोबारी समझौता करने की भी तैयारी है। कोशिश यह है कि भूटान, नेपाल व बांग्लादेश के बीच एक साझा बाजार तैयार किया जा सके। बाद में अन्य पड़ोसी देशों जैसे म्यांमार, श्रीलंका आदि को भी इससे जोड़ा जा सकता है।

भारत ने जिस तरह वर्ष 2047 तक विकसित देश बनने का लक्ष्य रखा है वैसे ही बांग्लादेश ने वर्ष 2041 तक के लिए स्मार्ट बांग्लादेश विजन बनाया है। अब दोनों के बीच एक सामंजस्य बनाया जाएगा, ताकि एक दूसरे के सपनों व लक्ष्यों को पूरा करने में मदद की जाए। परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में भी सहयोग की गति तेज होगी।दोनों देश रेल, सड़क, हवाई मार्ग और जल मार्ग के जरिये आवागमन व माल ढुलाई के लिए कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाएंगे। इस प्रपत्र में भारत ने बांग्लादेश को आश्वस्त किया है कि वह अपनी क्षमता के मुताबिक उसे आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति में पूरी मदद करेगा।

हसीना ने भारतीय कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया

प्रेट्र के अनुसार, पीएम शेख हसीना ने भारतीय कंपनियों को बांग्लादेश के विशेष आर्थिक क्षेत्र में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है। भारतीय औद्योगिक परिसंघ (सीआइआइ) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश को व्यापार के लिए मिलकर काम करना चाहिए। भारत में बहुत बड़ा बाजार है। इसलिए दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं और अपने अनुभव साझा कर सकते हैं। यहां व्यापार करने का अच्छा अवसर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यापार करना द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भारत, बांग्लादेश ने विभिन्न स्तरों पर रोहिंग्या मुद्दे पर चर्चा की है

एएनआइ के अनुसार, विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने शनिवार को कहा कि भारत और बांग्लादेश ने विभिन्न स्तरों पर बातचीत के दौरान रो¨हग्या मुद्दे पर समय-समय पर चर्चा की है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि रो¨हग्याओं को मानवीय सहायता पहले भी दी गई है। भारत रो¨हग्याओं के मुद्दे पर बांग्लादेश के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।

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