भारत-अमेरिका ट्रेड डील व्यापारियों और किसानों के लिए बड़ा फायदेमंद, निर्यात बढ़ने से आमदनी डबल होने की उम्मीद: एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर कारोबारी और कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के बीच खासा उत्साह है। उन्होंने इसे देश के लिए बेहद फायदेमंद बताया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समझौते से न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी यह अहम भूमिका निभाएगा। खासकर निर्यात शुल्क में कटौती और आयात पर सख्त शर्तों से घरेलू बाजार और उत्पादन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दक्षिण गुजरात चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड, सूरत के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में 18 प्रतिशत टैरिफ तय किया जाना भारत के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पहले 25 प्रतिशत और बाद में और 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जो कुल मिलाकर 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था। अब इसे घटाकर सीधे 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे साफ है कि इस समझौते में भारत को बड़ा फायदा मिला है।
मद्रासी ने कहा कि अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद भारत ने दुनिया भर में वैकल्पिक बाजारों की तलाश की और इसमें सफलता भी हासिल की। इससे भारत सिर्फ अमेरिका पर निर्भर नहीं रहा। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से भारत को डबल बेनिफिट मिला है-एक तरफ टैरिफ कम हुआ है, जिससे पुरानी अनुकूल परिस्थितियां लौट सकती हैं, तो वहीं दूसरी तरफ नई वैश्विक रणनीति से भी देश को फायदा मिलेगा। यह डील भारत को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में और मजबूत करती है।
उन्होंने आगे बताया कि फिलहाल भारत से अमेरिका को 86.5 अरब डॉलर का निर्यात होता है, जबकि अमेरिका से भारत का आयात करीब 45.3 अरब डॉलर का है। उन्होंने कहा कि इस आंकड़े में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है, क्योंकि भारत ने अब वैश्विक व्यापार में एक स्थिर गति पकड़ ली है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीति का परिणाम बताया और कहा कि सरकार ने कभी दबाव में झुकने की कोशिश नहीं की, बल्कि बातचीत जारी रखी, जिसका नतीजा यह ट्रेड डील है।
इसके अलावा, सूरत एपीएमसी के निदेशक बाबू भाई शेख ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दक्षिण गुजरात के किसानों और व्यापारियों के लिए, खासकर फल और सब्जी क्षेत्र में, बेहद फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस डील के तहत इन चीजों पर निर्यात शुल्क शून्य रखा गया है, जिससे स्थानीय कृषि और व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा।
बाबूभाई शेख ने यह भी कहा कि इस समझौते में आयात को लेकर सख्त शर्तें रखी गई हैं, जिसके तहत अमेरिका से भारत में खट्टे फल, आलू, मटर और बीन्स जैसे उत्पादों का आयात नहीं होगा। इससे देश के किसानों को बड़ा संरक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में बेहद सराहनीय है। इस डील से व्यापारियों को सीधे व्यापार के अवसर मिलेंगे, निर्यात बढ़ेगा और इसका सीधा फायदा किसानों और व्यापारी वर्ग दोनों की आमदनी में बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिलेगा।
–आईएएनएस
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