'जन नायकन' लीक होने पर आईएमपीपीए ने पीएम मोदी से लगाई गुहार, पायरेसी पर सख्त कार्रवाई की मांग


चेन्नई, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। अभिनेता विजय की आने वाली फिल्म ‘जन नायकन’ के रिलीज से पहले ही इंटरनेट पर लीक होने की खबर ने निर्माताओं और पूरे फिल्म जगत को चिंता में डाल दिया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीपीए) ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। संस्था ने अपील की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

आईएमपीपीए के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने अपने पत्र के जरिए कहा, ”आज फिल्म इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और नई तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर बढ़ रही है, लेकिन इसके बावजूद पायरेसी जैसी पुरानी समस्या अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह बेहद चिंताजनक है। जब तक इस समस्या पर काबू नहीं पाया जाएगा, तब तक इंडस्ट्री को लगातार नुकसान झेलना पड़ेगा।”

अपने बयान में अभय सिन्हा ने आगे कहा, ”आईएमपीपीए पहले भी कई बार इस मुद्दे को उठाता रहा है। संस्था ने अलग-अलग सरकारी विभागों और अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी हैं, खास तौर पर टेलीग्राम, टोरेंट वेबसाइट्स और तमिल रॉकर्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फिल्मों के अवैध प्रसारण को लेकर लगातार चिंता जताई है। बावजूद इसके, ये प्लेटफॉर्म बिना किसी डर के काम करते रहे हैं और फिल्मों को गैरकानूनी तरीके से दिखाकर निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।”

पत्र में उन्होंने बताया, ”फिल्म ‘जन नायकन’ काफी समय से तैयार है और इसे 9 जनवरी 2026 को रिलीज किया जाना था। इसके लिए फिल्म को सर्टिफिकेशन के लिए भी भेजा गया था, लेकिन कई कारणों और कानूनी प्रक्रियाओं के चलते अब तक इसे प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है। इसी वजह से फिल्म की थिएटर में रिलीज लगातार टलती रही और दर्शकों तक आधिकारिक रूप से नहीं पहुंच सकी।”

अभय सिन्हा ने आगे कहा, ”सर्टिफिकेशन में देरी का सीधा असर फिल्म की रिलीज योजना और आर्थिक गणना पर पड़ता है। जब कोई फिल्म समय पर रिलीज नहीं हो पाती, तो उसका जोखिम बढ़ जाता है। ‘जन नायकन’ के मामले में भी यही हुआ, जहां देरी के कारण फिल्म इंटरनेट पर लीक हो गई। इससे न सिर्फ निर्माता को नुकसान हुआ, बल्कि फिल्म से जुड़े सभी लोगों पर इसका नकारात्मक असर पड़ा।”

इस पूरे मामले को देखते हुए आईएमपीपीए ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि फिल्मों को रिलीज से पहले सुरक्षित रखने के लिए मजबूत नियम और जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

पत्र के आखिर में संस्था ने कहा, ”पायरेसी पूरे फिल्म उद्योग के अस्तित्व के लिए खतरा बनती जा रही है। इससे निवेश कम होता है, निर्माता हतोत्साहित होते हैं और इंडस्ट्री की प्रगति रुक जाती है। फिल्म इंडस्ट्री देश की अर्थव्यवस्था और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे अभियानों में अहम योगदान देती है, इसलिए इसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।”

–आईएएनएस

पीके/एएस


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